मधेपुरा
कोरोना वायरस के चलते जिलेभर की मेडिकल दुकानों में मास्क नहीं मिल रहे हैं. जो मिल रहे हैं उनके दाम कई गुना अधिक वसूले जा रहे हैं. लोग वायरस से बचने के लिए आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं. इसी दर्द को जानकर शहर के आजाद नगर निवासी प्रेम श्रीवास्तव एवं पूनम कुमारी की चतुर्थ पुत्री कविता पूनम कपड़े का मास्क बनाकर सांस्कृतिक एवं सामाजिक संगठन प्रांगण रंग मंच के सहयोग से नि:शुल्क बांट रही है.
उसका मकसद लोगों को कोरोना वायरस से बचाना है. कविता पूनम ने बताया कि प्रांगण रंगमंच के सचिव अमित आनंद में उसे फोन कर बोला कि अगर तुम कपड़े का बना मास्क का बना सकती हो तो बनाओ उसे प्रांगण रंगमंच के सहयोग उसे जरूरतमंद व्यक्ति को नि:शुल्क मास्क का वितरण करना चाहता है.
उन्होंनेे बताया मैंने बोला ठीक है मैं मास्क बना दूंगी. फिर बाद में प्रांगण रंगमंच के सहयोग से उसे मास्क बनाने के लिए कपड़ा उपलब्ध करवाया गया और उसने लगभग 1000 मास्क तैयार कर दिया. उस मास्क ले जाकर शहर में वैसे जरूरतमंद व्यक्तियों को उपलब्ध करवाया गया जो मास्क खरीदने के स्थिति में नहीं थे. कविता पूनम बताती है वह सिलाई कढ़ाई का काम अपनेे दादी माँ से सीखी है.
कविता पूनम सिलाई कटाई के अलावा क्राफ्टिंग का भी काम करती है. कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय युवा उत्सव में उन्होंने लगातार तीन बार हस्तशिल्प विधा में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है. वह फिलहाल बीए, एलएलबी कर चुकी हैं. उन्होंने बताया कि सामाजिक कार्यों के लिए घर वालों का भी भरपूर सहयोग मिलता रहा है. मधेपुरा खबर को बताती है कि अगर आपके अंदर कोई कला है जिसके माध्यम से इस विकट परिस्थिति से देश को बचाया जाए सके तो हर कोई अपने अंदर छुपे कला को दबने ना दे और हर कोई मास्क बनाकर जरूरतमंद व्यक्तियों तक पहुंचाया जाए.
ताकि कोई देशवासी इस जानलेवा बारिश की चपेट में आकर अपनी जान ना गवा सकें. बतातेे चलें कविता पूनम केे पिता सिंघेश्वर ब्लॉक में क्लर्क के रूप में कार्यरत हैं जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं. माता जी शिक्षिका थी जो आप सेवा सेवानिवृत्त हो चूंकि है. कविता पूनम पांच बहन और एक भाई में से सबसे छोटी है. उन्होंने बताया कि इस कार्य में परिवार के अलावे मेरा सहयोग प्रांगण रंगमंच के कार्यक्रम पदाधिकारी सह गायक सुनीत साना एवं कार्यकारी सदस्य अक्षय कुमार सोनू कर रहे हैं.











