मधेपुरा : कोरोना संकट के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकजुटता दिखाने के लिए आज यानी रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट तक बिजली बत्ती बुझाने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने दीप, मोमबत्ती या मोबाइल का फ़्लैश लाइट जलाने का आह्वान किया है। लेकिन, अचानक से बत्ती बुझाने के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है। इसको देखते हुए बिजली कंपनी ने इसकी तैयारी की है।
बिजली कंपनी ने अपने उपभोक्ताओं को एसएमएस कर अपील की कि वे प्रधानमंत्री की अपील पर अपने अपने घरों की बिजली बत्ती जैसे कि बल्ब या ट्यूबलाइट ही बंद करें, बिजली से चलने वाले अन्य उपकरणों मतलब पंखा, एसी या अन्य कोई उपकरण बंद नहीं करें।
विशेषज्ञों की मानें तो, अचानक से बिजली की मांग कम होने के कारण स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर पर अधिक दबाव आ जाएगा। ऐसे में सिस्टम को बंद करने की मजबूरी हो जाएगी। ट्रांसमिशन पर असर हुआ तो बिजली की उत्पादन इकाइयां भी प्रभावित होगी। उत्पादन इकाइयों से बिजली नहीं जाने पर बिजली घर को बंद करना पड़ेगा।
एक बार बंद होने पर बिजली घरों को फिर से चालू करने में समय लग सकता है। बताया गया कि एक साथ बिजली बत्ती बंद होने के कारण बिहार में 10 से 15 फीसदी बिजली की खपत में कमी आने की उम्मीद है। ऐसे में अचानक से बिजली का लोड कम होने के कारण उत्पादन और संचरण व्यवस्था पर इसका असर हो सकता है।
एनटीपीसी के प्रबंधक विश्वनाथ चंदन ने कहा कि सभी उत्पादन इकाई में आला अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी परिस्थिति से निपटा जा सके। एनटीपीसी को भरोसा है कि लोगों द्वारा अपने-अपने घरों की केवल बत्ती ही बुझाई जाएगी और बिजली से चलने वाले अन्य उपकरण यथावत जारी रखे जाएंगे जिससे बिजली की मांग में कोई ज्यादा कमी नहीं आएगी।











