जारी आदेश में कहा गया है कि सरकार के संबंधित विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इलेक्ट्रिकल गुड्स, पंखा कूलर, एयर कंडीशनर्स (विक्रय एवं मरम्मत), इलेक्ट्राॅनिक गुड्स यथा- मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटाॅप, यूपीएस एवं बैट्री, ऑटोमोबाइल्स, टायर एवं ट्यूब्स लुब्रीकेंट्स (मोटर वाहन मरम्मति), निर्माण सामग्री के भंडारण एवं बिक्री से संबंधित प्रतिष्ठान यथा सीमेंट, स्टील, बालू, स्टोन, गट्टी, सीमेंट ब्लॉक, ईंट, प्लास्टिक पाइप, हार्डवेयर, सैनिटरी फिटिंग, लोहा, पेंट, शटरिंग सामग्री की दुकानें खोली जा सकती है।
इसके अलावा प्रत्येक एक दिवस के अंतराल पर ऑटोमोबाईल और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खोली जा सकती है। जबकि गैरेज एवं वर्कशॉप प्रतिदिवस खोला जा सकता है। वहीं जिला स्तर पर एक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की दुकान खोली जा सकती है। साथ ही प्रदूषण जांच केंद्र को भी खोला जा सकता है। आदेश में कहा गया है कि उपयुक्त प्रकार की दुकानों को खोलने के संबंध में भीड़ को कम करने के दृष्टिकोण से डीएम दिन के अलग-अलग समय अथवा सप्ताह के अलग-अलग दिनों में दुकानें खोलने का आदेश दे सकते हैं।










