मुरलीगंज: मुरलीगंज में नकली बीज बिक्री वितरण का मामला प्रकाश में आया है दरअसल मामला मुरलीगंज प्रखंड के गंगापुर पंचायत के वार्ड संख्या आठ का है जहां के निवासी किसान रिंकू कुमार ने दुकानदार पर नकली बीज देने का आरोप लगाया है.
किसान रिंकू कुमार ने बताया कि बीते 18 जून को मुरलीगंज बाजार के मैसर्स किसान केंद्र नामकी दुकान से अराइज कंपनी की तेज गोल्ड नामक धान का बीज 4 पैकेट कुल 12 किलो खरीद कर ले गया था. जिसके बाद बुवाई करने के 10 दिन बाद भी जब अंकुरण नहीं हुआ तो उसके बाद रविवार को पीड़ित किसान ने दुकानदार प्रदीप भगत के यहां आकर पहले तो उनसे अपनी शिकायत की और इस पर दुकानदार ने पहले टालमटोल किया गया.
लेकिन जब हंगामा किया गया तो आसपास के लोग वहां पहुंचे जिसके बाद दुकानदार प्रदीप भगत ने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में जुट गए. लगभग एक घंटे के वार्ता के बाद पीड़ित किसान को बदले में अन्य कम्पनी के धान का बीज देकर किसी तरह मनाया गया और मामले को रफ दफा किया गया.
लेकिन पीड़ित किसान रिंकू कुमार ने कहा कि सिर्फ धान के बीज के बदले धान का बीज देकर भरपाई नहीं की जा सकती है क्योंकि अब जब हम फिर से धान के बीज को रोपेंगे तो जब तक यह बिचड़ा तैयार होगा तब तक धन रोपनी करने में काफी लेट हो जाएगा और जिस वजह से उपज भी प्रभावित होगा.
उन्होंने कहा कि हम सोमवार को जिला कृषि पदाधिकारी मधेपुरा को बीज विक्रेता के खिलाफ आवेदन देकर कार्यवाही की मांग करेंगे. नकली बीज देकर किसानों का दोहन करने वाले ऐसे मुनाफाखोर विक्रेताओं पर कड़ी कार्यवाही होना अति आवश्यक है. ताकि अन्य भोले भाले किसान ठगी के शिकार न हो.
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....
किसान रिंकू कुमार ने बताया कि बीते 18 जून को मुरलीगंज बाजार के मैसर्स किसान केंद्र नामकी दुकान से अराइज कंपनी की तेज गोल्ड नामक धान का बीज 4 पैकेट कुल 12 किलो खरीद कर ले गया था. जिसके बाद बुवाई करने के 10 दिन बाद भी जब अंकुरण नहीं हुआ तो उसके बाद रविवार को पीड़ित किसान ने दुकानदार प्रदीप भगत के यहां आकर पहले तो उनसे अपनी शिकायत की और इस पर दुकानदार ने पहले टालमटोल किया गया.
लेकिन जब हंगामा किया गया तो आसपास के लोग वहां पहुंचे जिसके बाद दुकानदार प्रदीप भगत ने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में जुट गए. लगभग एक घंटे के वार्ता के बाद पीड़ित किसान को बदले में अन्य कम्पनी के धान का बीज देकर किसी तरह मनाया गया और मामले को रफ दफा किया गया.
लेकिन पीड़ित किसान रिंकू कुमार ने कहा कि सिर्फ धान के बीज के बदले धान का बीज देकर भरपाई नहीं की जा सकती है क्योंकि अब जब हम फिर से धान के बीज को रोपेंगे तो जब तक यह बिचड़ा तैयार होगा तब तक धन रोपनी करने में काफी लेट हो जाएगा और जिस वजह से उपज भी प्रभावित होगा.
उन्होंने कहा कि हम सोमवार को जिला कृषि पदाधिकारी मधेपुरा को बीज विक्रेता के खिलाफ आवेदन देकर कार्यवाही की मांग करेंगे. नकली बीज देकर किसानों का दोहन करने वाले ऐसे मुनाफाखोर विक्रेताओं पर कड़ी कार्यवाही होना अति आवश्यक है. ताकि अन्य भोले भाले किसान ठगी के शिकार न हो.
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