डेस्क : कोरोना संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है. महामारी लगातार बढ़ते जा रही है. हर कोई परेशान है. किर्गिस्तान में एक बिहारी छात्र की मौत के बाद वहां मौजूद अन्य बिहारी छात्रों में दहशत है. छात्र घर लौटने के लिए बिहार सरकार से बार-बार गुहार लगा रहे हैं.
पिछले कई दिनों से किर्गिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र बिहार सरकार से गुहार लगा रहे हैं. एशियन मेडिकल कॉलेज सहित कई अन्य कॉलेज में बिहार के अलग-अलग जिलों के करीब 2000 छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि कोरोना के कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. किर्गिस्तान सरकार ने छात्रों को घर जाने का निर्देश दे दिया है.
किर्गिस्तान से भारत के दूसरे राज्यों के लिए वंदे भारत मिशन की फ्लाइट चल रही है, लेकिन बिहार के लिए नहीं चल रही है. ऐसे में छात्रों को बिहार आने में काफी परेशानी हो रही है. कुछ प्राइवेट उड़ान फ्लाइट उड़ान भर रही हैं, लेकिन उनका किराया इतना महंगा है कि छात्र मजबूर हो जा रहे हैं. 10 जुलाई को सीवान के एक छात्र की मौत कोरोना के कारण हो गई. छात्र का नाम पवन कुमार गुप्ता है और वह एमबीबीएस के द्वितीय वर्ष का छात्र था. कोरोना से हुई इस मौत के कारण रुचि, सिमरन, सना, कौशिक, बुशरा, शिवानी, अंजुम आरा डॉली, शिवम चंद्र सहित कई छात्र दहशत है.
इधर, मधेपुरा खबर ने इन छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता प्रकाशित किया. इस पर संज्ञान लेते हुए सहरसा सदर विधायक अरुण कुमार यादव ने राज्यपाल को पत्र लिखकर इन छात्रों को वापस लाने की मांग की है. हालांकि अभी तक छात्र वापस नहीं आए हैं. किर्गिस्तान सरकार भी सभी छात्रों को वतन वापसी के लिए कह चुके हैं. इससे छात्रों में काफी भय है.











