डेस्क : गोपालगंज के सत्तरघाट में पुल टूटने संबंधित कुछ तस्वीर बुधवार की रात से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर को ट्विट कर विपक्षी नेता सरकार पर हमलावर हैं। तेजस्वी यादव ने तो सीएम नीतीश कुमार से पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव को बर्खास्त करने की भी मांग कर दी है।
नेता प्रतिपक्ष #सत्तर_घाट_पुल के क्षतिग्रस्त होने की झूठी खबर फैला रहे हैं।— Nand Kishore Yadav (@nkishoreyadav) July 16, 2020
इस मामले में सही तथ्य निम्नवत है।
सत्तर घाट मुख्य पुल से लगभग दो किमी दूर गोपालगंज की ओर एक 18 मी लम्बाई के छोटे पुल का पहुँच पथ कट गया है। यह छोटा पुल गंडक नदी के बांध के अन्दर अवस्थित है। @ANI pic.twitter.com/GwUe5RS6iK
इस पूरे मामले को लेकर अब पथ निर्माण विभाग की प्रतिक्रिया सामने आयी है। पथ निर्माण विभाग मंत्री नंद किशोर यादव ने ट्विट कर जानकारी दी है कि सत्तरघाट पुल के क्षतिग्रस्त होने की झूठी खबर चल रही है। उन्होंने कहा है कि सत्तरघाट मुख्य पुल से लगभग दो किमी दूर गोपालगंज की ओर एक 18 मी. लम्बाई के छोटे पुल का पहुंच पथ कट गया है।
यह छोटा पुल गंडक नदी के बांध के अन्दर अवस्थित है। गंडक नदी में पानी का दबाव गोपालगंज की और ज़्यादा है। इस कारण पुल के पहुंच का सड़क का हिस्सा कट गया है। यह अप्रत्याशित पानी के दबाब के कारण हुआ है। इस कटाव से छोटे पुल की संरचना को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
मंत्री ने कहा है कि मुख्य सत्तर घाट पुल जो 1.4 किमी लंबा है वह पूर्णतः सुरक्षित है। पानी का दबाव कम होते ही यातायात चालू कर दिया जाएगा। यह प्राकृतिक आपदा है। विभाग पूरी तरह मुस्तैद है।
बता दें कि लगभग 264 करोड़ की लागत से बना सत्तरघाट महासेतु का बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया था। इस पुल के पहुंच पथ के ध्वस्त होने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गयी है और चंपारण, तिरहुत और सारण समेत कई जिलों से संपर्क भी टूट गया है।










