पटना: संगीत शिक्षायतन एवं कनक एंटरटेनमेंट द्वारा पाँच दिवसीय ऑनलाइन माइम कार्यशाला के समापन सत्र में गुरु कमल नस्कर ने द थीफ और द काइट के बारे में प्रतिभागियों को बताया. कमल नस्कर ने माइम के लिए ऑब्जरवेशन के महन्व को बताते हुए कहा की किसी भी चरित्र को करने क लिए ऑब्जरवेशन महत्वपूर्ण होता है तभी उसमे माइम के इलुशन्स का प्रयोग सफल होगा.
कार्यशाला के सह-प्रशिक्षक एनएसडी, सिक्किम के पूर्ववर्ती छात्र सुमित ठाकुर एवं कत्थक नृत्यांगना यामिनी ने प्रतिभागियों को मूकाभिनय की बारीकियों को बताया. बिहार के कई जिलों से प्रतिभागी जुड़के दो सत्रों में बाँटें गए इस कार्यशाला का लाभ उठाया.
इन पाँच दिनों में प्रतिभागियों को मूकाभिनय के विभिन्न आयाम को बताया गया है जिसमे ग्रामर ऑफ़ माइम, चरित्र अध्ययन, ऑब्जेक्ट इल्लुस्शन, चेहरे का भाव, बॉडी स्टिफनेस, रिलैक्सेशन आदि शामिल हैं. पाँच दिवसीय माइम कार्यशाला के उपरांत प्रतिभागियों ने टीट फॉर टेट में प्रयोग किये जाने वाले इल्लुस्शन को सीखा और डिजिटल माध्यम से पटना की सपना बनर्जी, मीनाक्षी, वैभव विकाश, अनिकेत, नवादा के सम्राट, सुमित आर्या, बेगूसराय के दिवाकर, सिवान के विवेक मिश्रा आदि ने ऑनलाइन प्रस्तुति कर के दिखाया.
कार्यशाला का आयोजन सोलह अगस्त से बीस अगस्त तक डिजिटल माध्यम से सफलतापूर्वक किया गया. इस आयोजन के संयोजक अलोक गुप्ता हैं एवं तकनिकी पक्ष विशाल भट्ट दिख रहे हैं. कार्यशाला के अंतिम दिन कोलकता के देवाशीष भी अपने अनुभव प्रतिभागियों के साथ साँझा किया.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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