मधेपुरा: भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणव मुखर्जी के निधन से भारतीय राजनीति को बड़ा नुकसान हुआ है. विभिन्न मौकों पर संकटमोचक की भूमिका निभाने वाले प्रणव दा ने सामान्य परिवेश से निकल कर देश के सर्वोच्च पद तक सफर तय कर भावी पीढ़ी के लिए एक उच्च स्तरीय मिशाल कायम किया.
उक्त बातें शिव राजेश्वरी युवा सृजन क्लब कोसी प्रमंडल के संरक्षक प्रो जवाहर पासवान ने भारत रत्न प्रणव मुखर्जी के निधन के बाद उन्हें क्लब की ओर से श्रद्धांजलि देते हुए कही. उन्होंने कहा कि कई दशकों तक वो भारतीय राजनीति के सिरमौर रहे. क्लब के महासचिव हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि प्रणव दा एक सफल राजनेता और चर्चित वित्तमंत्री रहे.
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के काफी करीबी रहे प्रणव दा ने हर दौर में अपनी खास पहचान दी. पाईप पीने के शौकीन रहे प्रणव दा ने राष्ट्रपति के रूप कुछ ऐसे काम किए जिसके लिए राष्ट्र सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा जिसमे चर्चित लंबित पड़ी कई फांसियों की दया याचिका को खारिज कर फांसी के रास्ते को साफ किया.
इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर कई अवसरों पर सरकार और प्रधानमंत्री को नसीहत भी दी. साथ ही राष्ट्रपति भवन को आमजन से जोड़ने के कई महत्वपूर्ण प्रयास किए. दिल्ली के विज्ञान भवन में इसी वर्ष फरवरी माह में आयोजित भारतीय छात्र संसद के समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में उनकी आखिरी कड़ी थी.
यह सुखद संयोग भी था कि उस कार्यक्रम में मीडिया टीम के सदस्य के रूप में उन्हें बड़े नजदीक से सुनने का सौभाग्य मिला. राठौर ने कहा कि भारतीय राजनीति सदैव उनकी कमी महसूस करेगा. क्लब के संरक्षक प्रो सिद्धेश्वर काश्यप, शंकर सुमन, कोषाध्यक्ष संजय परमार, सारंग तनय, आंनद कुमार ने कहा कि प्रणव दा भारतीय राजनीति के चाणक्य के रूप में सदैव याद किए जाएंगेे. क्लब की ओर से उनकी आत्मा की शांति के साथ उनके परिवार को धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करे. यही कामना है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....
उक्त बातें शिव राजेश्वरी युवा सृजन क्लब कोसी प्रमंडल के संरक्षक प्रो जवाहर पासवान ने भारत रत्न प्रणव मुखर्जी के निधन के बाद उन्हें क्लब की ओर से श्रद्धांजलि देते हुए कही. उन्होंने कहा कि कई दशकों तक वो भारतीय राजनीति के सिरमौर रहे. क्लब के महासचिव हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि प्रणव दा एक सफल राजनेता और चर्चित वित्तमंत्री रहे.
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के काफी करीबी रहे प्रणव दा ने हर दौर में अपनी खास पहचान दी. पाईप पीने के शौकीन रहे प्रणव दा ने राष्ट्रपति के रूप कुछ ऐसे काम किए जिसके लिए राष्ट्र सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा जिसमे चर्चित लंबित पड़ी कई फांसियों की दया याचिका को खारिज कर फांसी के रास्ते को साफ किया.
इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर कई अवसरों पर सरकार और प्रधानमंत्री को नसीहत भी दी. साथ ही राष्ट्रपति भवन को आमजन से जोड़ने के कई महत्वपूर्ण प्रयास किए. दिल्ली के विज्ञान भवन में इसी वर्ष फरवरी माह में आयोजित भारतीय छात्र संसद के समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में उनकी आखिरी कड़ी थी.
यह सुखद संयोग भी था कि उस कार्यक्रम में मीडिया टीम के सदस्य के रूप में उन्हें बड़े नजदीक से सुनने का सौभाग्य मिला. राठौर ने कहा कि भारतीय राजनीति सदैव उनकी कमी महसूस करेगा. क्लब के संरक्षक प्रो सिद्धेश्वर काश्यप, शंकर सुमन, कोषाध्यक्ष संजय परमार, सारंग तनय, आंनद कुमार ने कहा कि प्रणव दा भारतीय राजनीति के चाणक्य के रूप में सदैव याद किए जाएंगेे. क्लब की ओर से उनकी आत्मा की शांति के साथ उनके परिवार को धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करे. यही कामना है.
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