मधेपुरा: प्रोफेसर डॉ. आभा सिंह ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति के रूप में योगदान दिया. ये विश्वविद्यालय की पहली महिला प्रति कुलपति हैं. इन्होंने पूर्व प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली का स्थान लिया है, जो जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के कुलपति बनाए गए हैं. डॉ. सिंह सहरसा जिला निवासी पूर्व कुलपति डॉक्टर शालिग्राम सिंह की सुपुत्री हैं और यह रमेश झा महिला कॉलेज सहरसा में भी कार्य कर चुकी है.
प्रति कुलपति बनने के पूर्व यह पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना में दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहीं थीं. प्रति कुलपति ने कहा कि प्रतिकुलपति के कार्य क्षेत्र में जो कुछ भी कार्य है, वे उसका सम्यक् निर्वहन करने का प्रयास करेंगीं. साथ ही माननीय कुलपति के द्वारा जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे निष्ठापूर्वक पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी के भी जीवन में समय का बहुत महत्व होता है. खासकर विद्यार्थी जीवन में तो समय का और भी महत्व है.
अतः उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि विद्यार्थियों का समय बर्बाद नहीं हो. हमें लंबित परीक्षाएं शुरू करनी हैं. हमारा प्रयास होगा कि हम अन्य विश्वविद्यालयों की तरह अपने विश्वविद्यालयों में भी परीक्षा शुरू कर सकें. उन्होंने कहा कि वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करेंगीं. युवा पीढ़ी को भारतीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. उन्हें यह बताया जाएगा कि हम क्या थे, क्या हो गए हैं और आगे हमें कहां जाना है?
उन्होंने कहा कि पेंडिंग रिजल्ट की समस्या का समाधान किया जाएगा और इसके लिए दोषी लोगों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय कैंपस में मास्क लगाकर ही प्रवेश करें. इस अवसर पर बीएनएमयू के डीएसडब्ल्यू डॉ. अशोक कुमार यादव, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. नवीन कुमार, वितीय पदाधिकारी सूरज देव प्रसाद, कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव, पीआरओ डॉ. सुधांशु शेखर, शिक्षक संघ के विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रसाद सिंह, महासचिव डॉ. अशोक कुमार, डॉ. के. एस. ओझा, चंद्र किशोर गुप्ता आदि उपस्थित थे.
वहीं प्रति कुलपति डॉ. आभा सिंह ने अपने योगदान के बाद कुलपति कक्ष में आकर कुलपति डॉ आर. के. पी. रमण से शिष्टाचार भेंट की. दोनों ने साथ मिलकर विश्वविद्यालय के विकास हेतु प्रयास करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की. कुलपति डॉ. रमण ने कहा कि बीएन मंडल विश्वविद्यालय तीन जिलों में फैला हुआ है- मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल। वे मधेपुरा जिला से हैं. वर्तमान प्रति कुलपति सहरसा जिले की हैं और पूर्व कुलपति डॉ. ज्ञानंजय द्विवेदी सुपौल जिले के हैं. तीनों को मिलकर इस विश्वविद्यालय के के विकास में योगदान देना है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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