मधेपुरा: रविवार को अतिथि गृह में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व भारतीय सब लोग पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रेणु कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों को बताया कि जनता की डिमांड पर वे बिहारीगंज विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. वे विभिन्न पंचायतों में जा-जाकर अपने पुराने नेताओंं तथा कार्यकर्ताओं से मिल रही है.
सभी जाति व धर्मों के लोग पूरी तरह से चुनावी मैदान में आने की सहमति प्रदान कर रही है. उन्हेंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश सरकार में सिस्टम फैल हो गया है. पदाधिकारियों के सामने समस्याओं को लेकर जनता भटक रही है किंतु संबंधित पदाधिकारियों द्वारा समस्याओं का निदान नहीं किया जा रहा है. पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हर जगह रिश्वत का राज है.
पुलिस पब्लिक को बेवजह परेशान करते रहती है. पब्लिक के दिल में पुलिस के लिए सम्मान खत्म होता जा रहा है. अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है. बिहार में हत्या, लूट, चाेरी, बलात्कार और जमीन विवाद चरम पर है. शिक्षा तथा स्वास्थ्य की बदहाली पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में भवन तो है किंतु पठन-पाठन की संस्कृति पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी है. इसे देखने वाला कोई नहीं है. पढ़ाई के बिना बच्चों की भविष्य अंधकारमय हो गया है.
उन्होंने कहा कि जहां तक सड़क का सवाल है एनएच-106 तथा 107 वर्षों से जीर्णोधार की बाट जोह रही है. ऐसी हालत में परिवर्तन की जरुरत है. भारतीय सब लोग पार्टी के साथ विभिन्न 16 पार्टियों का गठबंधन है. यह बिहार की जनता के लिए तीसरा विकल्प हो सकती है. अगर जनता ने हमे अपना बहुमत देकर मुख्यमंत्री बनाया तो बिहार में बंद पड़े सभी उद्योग को 3 से 6 महीने में चालू करने का काम करेंगे. साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा 8 से 10 महीने दुरुस्त करने का काम किया जाएगा.
केजी से पीजी तक निशुल्क शिक्षा देने का काम हमारी सरकार करेंगी. नीतीश का साथ छोड़ने जैसे सवाल पर उन्होंने कहा कि चूंकि उनके पति भाजपा के टिकट पर मधेपुरा लोक सभा से चुनाव लड़ रहे थे लिहाजा यह उनका दायित्व था कि वे नीतीश का साथ छोड़कर अपने पति की मदद करें. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोग बाहरी और भीतरी का सवाल उठा रहे थे लेकिन आज स्थानीय विधायक के खिलाफ जन-जन में आक्रोश है. यहां तक की लोग उनकी अर्थी जुलूस निकाल रहे हैं. इतना ही नहीं हर जगह सत्ताधारी दल के विधायकों का विरोध हो रहा है.
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....
सभी जाति व धर्मों के लोग पूरी तरह से चुनावी मैदान में आने की सहमति प्रदान कर रही है. उन्हेंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश सरकार में सिस्टम फैल हो गया है. पदाधिकारियों के सामने समस्याओं को लेकर जनता भटक रही है किंतु संबंधित पदाधिकारियों द्वारा समस्याओं का निदान नहीं किया जा रहा है. पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हर जगह रिश्वत का राज है.
पुलिस पब्लिक को बेवजह परेशान करते रहती है. पब्लिक के दिल में पुलिस के लिए सम्मान खत्म होता जा रहा है. अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है. बिहार में हत्या, लूट, चाेरी, बलात्कार और जमीन विवाद चरम पर है. शिक्षा तथा स्वास्थ्य की बदहाली पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में भवन तो है किंतु पठन-पाठन की संस्कृति पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी है. इसे देखने वाला कोई नहीं है. पढ़ाई के बिना बच्चों की भविष्य अंधकारमय हो गया है.
उन्होंने कहा कि जहां तक सड़क का सवाल है एनएच-106 तथा 107 वर्षों से जीर्णोधार की बाट जोह रही है. ऐसी हालत में परिवर्तन की जरुरत है. भारतीय सब लोग पार्टी के साथ विभिन्न 16 पार्टियों का गठबंधन है. यह बिहार की जनता के लिए तीसरा विकल्प हो सकती है. अगर जनता ने हमे अपना बहुमत देकर मुख्यमंत्री बनाया तो बिहार में बंद पड़े सभी उद्योग को 3 से 6 महीने में चालू करने का काम करेंगे. साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा 8 से 10 महीने दुरुस्त करने का काम किया जाएगा.
केजी से पीजी तक निशुल्क शिक्षा देने का काम हमारी सरकार करेंगी. नीतीश का साथ छोड़ने जैसे सवाल पर उन्होंने कहा कि चूंकि उनके पति भाजपा के टिकट पर मधेपुरा लोक सभा से चुनाव लड़ रहे थे लिहाजा यह उनका दायित्व था कि वे नीतीश का साथ छोड़कर अपने पति की मदद करें. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोग बाहरी और भीतरी का सवाल उठा रहे थे लेकिन आज स्थानीय विधायक के खिलाफ जन-जन में आक्रोश है. यहां तक की लोग उनकी अर्थी जुलूस निकाल रहे हैं. इतना ही नहीं हर जगह सत्ताधारी दल के विधायकों का विरोध हो रहा है.
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....










