ऐसे में अब कहा जा सकता है कि चुनाव की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है. अब एक-एक दिन प्रत्याशियों के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है. प्रत्याशी भी पूरी रणनीति के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. एक तरफ उनका अपना जनसंपर्क अभियान चल रहा है तो दूसरी तरफ गठबंधन और पार्टी के बड़े नेताओं की सभा में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो रही है. जो निश्चित रूप से उनके लिए अहम है.
इधर प्रत्याशियों द्वारा अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच और उनके बीच संवाद स्थापित करने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यालय भी खोले जा रहे हैं. ताकि वहां से सुदूर ग्रामीण अंचलों तक चुनाव की गतिविधि का प्रचार-प्रसार हो सके. अधिक से अधिक मतदाताओं तक उनकी पहुंच हो सके, साथ ही स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता की मॉनिटरिग के साथ-साथ लोगों का फीडबैक आसानी से प्राप्त हो सके.प्रत्याशियों के लिए फिलहाल 24 घंटे का वक्त भी कम पड़ रहा है. क्षेत्र बड़ा होने के कारण उन्हें एक-एक गांव में दौरा करना है. इसके लिए सुबह से ही उनका चुनावी दौरा शुरू हो जाता है.
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