ललित नारायण मिश्र हत्याकांड में नया मोड़, परिवार की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में होगी सुनवाई - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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14 अगस्त 2021

ललित नारायण मिश्र हत्याकांड में नया मोड़, परिवार की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में होगी सुनवाई

डेस्क: भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता ललित नारायण मिश्र हत्याकांड में एक बार फिर मामला सुर्ख़ियों में है. ललित नारायण मिश्र के परिवार की याचिका पर एक बार फिर दिल्ली उच्च न्यायालय इसकी सुनवाई करेगा. आपको बता दे कि यह सुनवाई मुख्य अभियुक्त आनंद मार्गियों की अपील और ललित नारायण मिश्र के परिवार की याचिका पर एक साथ की जाएगी. इसी सिलसिले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने आदेश जारी किया है. आपको बता दे कि ललित नारायण मिश्र हत्याकांड की दोहरी जांच के लिए ललित बाबू के परिवार वालों ने सीबीआई को रिप्रेजेंटेशन दिया था. 

इस रिप्रेजेंटेशन में परिवार वालों का आरोप था कि ललित नारायण मिश्र हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त और इससे जुड़े हुए कुछ लोगों को बचाया जा रहा है. इसी वजह से उन सभी पर उचित कार्रवाई नहीं हो पा रही है. परिवारवालों की तरफ से सीबीआई को दिए गए रिप्रेजेंटेशन में साफ़ साफ़ कहा गया है कि मुख्य आरोपी का नाम इस केस में अभी तक आया ही नहीं है. इसी को देखते हुए सीबीआई से परिवारवालों ने फिर से जांच करवाने की अपील भी की है और मामले की तह तक पहुंचने को कहा है.  

आपको बता दे कि ललित नारायण मिश्र के परिवारवालों ने सीबीआई को पहले ही रिप्रेजेंटेशन दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद परिवारवालों ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की. इस याचिका का मुख्य उद्देश्य सीबीआई द्वारा रिप्रेजेंटेशन पर एक्शन लेना बताया गया है. आखिरकार दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस विषय पर सुनवाई की और आनंद मार्गियों की अपील और परिवारवालों की याचिका को साथ सुनने का फैसला भी किया. 


साल 2014 में आनंद मार्गियों को ट्रायल कोर्ट से आजीवन कारावास कि सज़ा सुनाई गई थी लेकिन आनंद के द्वारा उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई और उन्हें बेल भी दे दिया गया. इसके साथ ही साल 2014 से ही उच्च न्यायालय में अपील लंबित पड़ा हुआ है. ललित नारायण मिश्र के पौत्र और दिल्ली उच्च न्यायालय में अधिवक्ता वैभव मिश्रा ने सीबीआई को नवंबर 2020 में रिप्रेजेंटेशन देते हुए फिर से जांच करवाने की मांग भी की थी. इसके बाद सीबीआई के द्वारा किसी भी प्रकार से इसपर संज्ञान नहीं लेने की वजह से वैभव मिश्रा ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की.  

अब यह फैसला दिल्ली उच्च न्यायालय के डिविजनल बेंच के द्वारा एक साथ सुना जाएगा. ललित नारायण मिश्र की हत्या के 45 साल के बाद भी गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है. ललित नारायण मिश्र की हत्या 2 जनवरी 1975 को समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर एक विस्फोट के दौरान हो गई थी. उसके बाद से इस रहस्य का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है. उनके परिवार के द्वारा यह आरोप लगाया जाता रहा है कि अभी तक उनके हत्यारों को सज़ा नहीं मिल पाई है.

(रिपोर्ट:- ईमेल)

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