मधेपुरा: बीएनएमयू के अधीन बीएनएमवी कॉलेज साहगढ़ मधेपुरा में पर्यावरण ह्रास का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ. सेमिनार का शुभारंभ बीएनएमयू के प्रभारी कुलपति सह डी एस डब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार यादव, पूर्व कुलपति प्रो. अवध किशोर राय, पूर्व प्रोवीसी डॉ. केके मंडल, प्रिंसिपल प्रो. पी एन पीयूष ने किया. सेमिनार का शुभारभ प्रांगण रंगमंच के अध्यक्ष डॉ. संजय परमार के नेतृत्व में की मधुबाला के द्वारा कुलगीत और स्वागत गान से हुआ. सेमिनार के मुख्य वक्ता डॉ. अवध किशोर राय ने कहा कि सेमिनार मिल का पत्थर साबित होगा. उन्होंने कहा कि विद्वानों के विचार से एक नया सोच निकलेगा, जो समाज को नई दिशा और दशा प्रदान करेगी.
डॉ. राय ने कहा कि पर्यावरण को हमलोग लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसके सुधार के लिए वसुधेव कुटुंबकम् की भावना को बढ़ाना होगा. उन्होंने गांधी जी की उक्ति को बताते हुए कहा कि पर्यावरण ह्रास के कई कारण हैं जिसमें डीजल, पेट्रोल, कोयला का उपयोग, जनसंख्या विस्फोट सहित अन्य कारण शामिल है. उन्होंने कहा कि सबसे खतरनाक कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड गैस शामिल है. उन्होंने कहा कि अपना जीवन बचने के लिए पृथ्वी को बचाएं. डॉ राय ने कहा कि सूर्य सौर ऊर्जा का एक मात्र सबसे बड़ा माध्यम है.
इसके लिए छठ पर्व में हम सूर्य की उपासना करते है. ग्रीन कंट्री बनाने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग पर बल देना होगा. प्रधानाचार्य प्रो. पीएन पीयूष ने अतिथियों का स्वागत किया. दुनिया के लिए बड़ा संकट है पर्यावरण ह्रास: प्रभारी कुलपति सह डी एस डब्ल्यू डॉ. अशोक कुमार यादव ने कहा कि पर्यावरण ह्रास पूरे विश्व के लिए संकट है. इससे सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में गहरा प्रभाव पड़ा है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमे आगे आना होगा. विद्वानों को इसके लिए विशेष काम करना होगा.
उन्होंने कहा कि कोई भी अनचाहा बदलाव से पर्यावरण ह्रास का कारण होता है. 2021 में एयर पॉल्यूशन 95 बिलियन डॉलर के बराबर हुआ है. पूर्वजों की अनदेखी का परिणाम है ह्रास: सेमिनार में पूर्व पीवीसी डॉ. केके मंडल ने कहा कि अपने पूर्वजों की अनदेखी का दुष्परिणाम है पर्यावरण ह्रास. पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण को प्रथम दर्शनिक बताया. प्राचार्य डा केपी यादव ने कहा कि पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जो जीवनदाई है. जो हम प्रकृति के साथ बिताते है वह मोह माया से कई गुना बेहतर है. डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि अभी भी पर्यावरण के प्रति सचेष्ट नहीं हुए तो यह हमारे लिए मृतुदाई होगा.
सेमिनार का संचालन डा शेफलिकका शेखर ने किया. मौके पर विधायक चंद्रशेखर यादव, बीएन मधेपुरी, राजीव रंजन, नवीन कुमार सिंह, मृतुन्जय कुमार, अरविंद कुमार, सतेंद्र कुमार, एफजल, अशोक कुमार, संजीव कुमार, सीनेट रंजन कुमार, लेफ्टिनेंट गौतम कुमार, पीआरओ सुधांशु शेखर व अन्य मौजूद थे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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