आर्मी भर्ती की लिखित परीक्षा नहीं लेने के खिलाफ सड़क पर उतरे अभ्यर्थी - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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5 अप्रैल 2022

आर्मी भर्ती की लिखित परीक्षा नहीं लेने के खिलाफ सड़क पर उतरे अभ्यर्थी

मधेपुरा: आर्मी में बहाली की मांग को लेकर मंगलवार को फिजिकल और मेडिकल उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने कॉलेज चौक को जाम कर दिया. फिजिकल और मेडिकल उत्तीर्ण अभ्यर्थी सुबह करीब 10 बजे कॉलेज चौक पर पहुंचकर मधेपुरा-सिंहेश्वर मुख्य मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया.अभ्यर्थियों ने ट्रक, बस, ट्रैक्टर समेत अन्य वाहनों को बांस-बल्ला लगाकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मांगों के समर्थन में केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, बिहार के मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन को कई छात्र दलों का समर्थन मिला. विभिन्न दलों के छात्र प्रतिनिधियों ने भी सड़क पर अपना आक्रोश व्यक्त किया. 

छात्रों ने कहा कि यह प्रदर्शन तो सरकार के खिलाफ अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन की शुरुआत है. सरकार हमलोगों की मांगों पर पहल नहीं करती है, तो आंदोलन जारी रहेगा. यह अभी एक दिन की बंदी की गयी है. छात्रों की मांगें नहीं मानी गयी तो भारत बंद किया जायेगा. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आसपास की मुख्य सड़कों को भी जाम कर दिया गया. आम लोगों के साथ-साथ छात्रों को चिलचिलाती धूप में जाम के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. जाम के दौरान कमांडो हेड विपिन कुमार जामस्थल पर पहुंच कर छात्रों से वार्ता कर जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अडिग रहे.  
करीब दो घंटे बाद 12 बजे तक चले जाम और प्रदर्शन के बाद सदर थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार और सदर अंचलाधिकरी योगेंद्र दास ने जाम स्थल पर पहुंचकर छात्रों से वार्ता की और मांग पत्र लेकर जाम खत्म कराया. जाम खत्म होने के बाद पुलिस बल और कमांडो द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त की गयी. प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित छात्रों ने कहा कि सरकार द्वारा आर्मी के लिए फिजिकल और मेडिकल उत्तीर्ण अभ्यर्थियों सताया जा रहा है. गरीब छात्रों के साथ दोहरी नीति अपनायी जा रही है. छात्रों की भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार के विरुद्ध छात्रों ने जो आंदोलन का रूप लिया है, यह सिर्फ शुरुआत है. सरकार जल्द-से-जल्द आर्मी के लिए फिजिकल एवं मेडिकल उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की अविलंब परीक्षा नहीं लेती है, तो उग्र आंदोलन होगा.
(रिपोर्ट:- मोहन कुमार) 
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