मधेपुरा: बीएनएमयू मुख्यालय में 86 कर्मचारियों द्वारा तीन दिनों से जारी अनिश्चित कालीन धरना से लगातार दूर दराज से विभिन्न कामों को लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय आ रहे छात्र छात्राओं को बिना काम निराश हो वापस लौटने पर वाम छात्र संगठन एआईएसएफ के बीएनएमयू प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कुलपति को पत्र लिख हर सम्भव प्रयास की अपील की हैै. राठौर ने विश्वविद्यालय पर आरोप लगाया कि कर्मचारी संगठन द्वारा आंदोलन की चेतावनी के बाद पदाधिकारियों ने इसे गम्भीरता से नहीं लिया इतना ही नहीं धरना शुरू होने के बाद भी विश्वविद्यालय की पहल में गति नजर नहीं आ रही जिसका सर्वाधिक खामियाजा छात्रों को उठाना पड़ रहा हैै.
दिसम्बर माह में जहां कई छात्रों को अति महत्वपूर्ण कागजात विभिन्न बहालियों के सम्बन्ध में जमा करना है वहीं अन्य और भी जरूरत है लेकिन धरना के कारण सब काम ठप है।छात्र नेता राठौर ने कहा कि एक ओर छात्रों का भविष्य है दूसरी ओर कर्मचारियों की पीड़ा जिसमें किसी को नजरंदाज नहीं किया जा सकता. संगठन छात्र व कर्मचारियों के साथ है।जब कोर्ट के लगातार कई आदेश हैं बीएनएमयू के सदन में इस क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि सदस्य हैं फिर सरकार से राशि आने में किसी अड़चन का प्रश्न ही नहीं उठना चाहिए. लिखे पत्र में राठौर ने साफ शब्दों में कहा कर्मचारी विश्वविद्यालय की रीढ़ है इनके साथ अन्याय करके विश्वविद्यालय के साथ हरगिज न्याय सम्भव नहीं इसलिए अविलंब पहल को तेज किया जाए अगर जरूरत पड़े तो सम्बन्धित पदाधिकारी पटना में कैंप करके सारे अड़चन को दूर करने का काम करें. राठौर ने फिर दोहराया कि इस बार एआईएसएफ 2015 के फुलेश्वर मल्लिक वाली कहानी दोहराने का हालात नहीं बनने देगा. अगर विश्वविद्यालय ने गम्भीरता नहीं दिखाई तो संगठन इसको लेकर कर्मचारियों के हित में आंदोलन को पहले से ही संकल्पित है जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय पदाधिकारियों की होगी.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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