कलाकारों का हस्ताक्षर किया हुआ आवेदन मंत्री को सौंपा - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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11 जुलाई 2023

कलाकारों का हस्ताक्षर किया हुआ आवेदन मंत्री को सौंपा

डेस्क: "नाट्य छात्र संघ बिहार" से जुड़े डिग्रीधारी रंगकर्मियों ने सोमवार को कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री जितेंद्र कुमार राय को बिहार के विद्यालय एवं महाविद्यालयों में नाट्य शिक्षक की बहाली करने को लेकर बिहार के सड़कों डिग्रीधारी रंगकर्मियों का हस्ताक्षर हुआ आवेदन सौंपा. मंत्री को दिए गए ज्ञापन में रंगकर्मियों ने कहा कि उन लोगों ने नाट्य एवं रंगमंच की पढ़ाई की है. साथ में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है. एनसीएफ 2005 में लोक कला एवं ललित कलाओं के अंतर्गत नाट्य विषय स्वीकृत है तथा एनसीएफ 2009 नई शिक्षा नीति में प्रत्येक शिक्षण संस्थान में नाटक के माध्यम से पढ़ाई पर जोर दिया गया है. इसकी पढ़ाई देश के अन्य राज्यों में हो रही है. सीबीएसई ने इसकी महत्ता को स्वीकारा है. जब एनसीएफ तथा नई शिक्षा नीति जोर दे रहा है, तो इस परिस्थितियों में नाट्य एवं रंगमंच की डिग्री धारक छात्रों को शिक्षण संस्थान में शिक्षक के रूप में नियुक्त करना अनिवार्य प्रतीत हो रहा है. 

जिस प्रकार ललित कला के अंतर्गत आने वाली हर कला जैसे संगीत, नृत्य, चित्रकला एवं मूर्तिकला का प्रशिक्षण संस्थानों में निम्न रूप से जारी है. ऐसे ही ललित कला के अंतर्गत आने वाली कलाएं जैसे संगीत एवं रंगमंच के शिक्षण अनिवार्य प्रतीत होता है. नाट्य शिक्षकों को सभी शिक्षण संस्थानों में नियुक्त करने से शिक्षण के पद्धति को बेहतर से बेहतर आयाम दिया जा सकता है. बता दें कि जो आवेदन मंत्री को सौंपा है उस आवेदन में बिहार के लगभग पांच सौ से अधिक डिग्रीधारी रंगकर्मियों का हस्ताक्षर क्या हुआ है. ये हस्ताक्षर अभियान "नाट्य छात्र संघ बिहार" के बैनर तले पिछले दिनों मुजफ्फरपुर में आयोजित कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा आयोजित युवा उत्सव से शुरू किया गया था. जिसके बाद हर जिले के कलाकार से सम्पर्क कर इस हस्ताक्षर सर करवाया गया. बता दें कि हर जिले से खुलने वाली बस पर "कलाकार मांगे रोजगार" का पोस्टर चिपका कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे थे. रंगमंच में डिग्रीधारी सुशांत कुमार, राजकुमार, नंदन कुमार, विक्की कुमार, विकास कुमार राहुल कुमार ने मंत्री जितेंद्र कुमार राय से निवेदन किया कि बिहार के विद्यालय एवं महाविद्यालयों में शिक्षक के रूप में बहाल किया जाए. 
(रिपोर्ट:- सुनीत साना) 
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