शंकरपुर: प्रखंड के रायभीर गांव से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है. गुड्डू यादव ने बिना दहेज के कुकू यादव के साथ विवाह कर समाज के सामने एक सकारात्मक संदेश दिया है. दोनों ने अग्नि देवता को साक्षी मानकर पूरी सादगी और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की. इस विवाह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें किसी प्रकार का दहेज लेन-देन नहीं हुआ. दोनों परिवारों ने आपसी सहमति और समझदारी के साथ विवाह संपन्न कराया. आयोजन में दिखावे की बजाय सादगी, संस्कार और आपसी सम्मान को प्राथमिकता दी गई. सीमित संख्या में परिजन और ग्रामीणों की उपस्थिति में विवाह की सभी रस्में शांतिपूर्ण माहौल में पूरी की गईं.
ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में जहां दहेज के कारण कई परिवार आर्थिक और मानसिक दबाव में आ जाते हैं, वहीं इस तरह का विवाह समाज को नई दिशा देने वाला है. लोगों ने इसे दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश बताया है. सोशल मीडिया पर लोग इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अन्य लोगों से भी दहेज मुक्त विवाह अपनाने की अपील कर रहे हैं. स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के विवाह से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और दहेज जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी. गुड्डू यादव और कुकू यादव का यह कदम निश्चित रूप से समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर याद रखा जाएगा.
रिपोर्ट:- प्रिंस कुमार प्रभाकर
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