सहरसा: सोशल मीडिया पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का दुरुपयोग कर भ्रामक वीडियो बनाने का मामला सामने आया है. आरोपी पर सरकार, पुलिस प्रशासन और महिला पुलिसकर्मियों की छवि धूमिल करने का आरोप है. बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना से मिली सूचना के आधार पर सहरसा साइबर थाने में 1 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. गुरुवार को सलखुआ थाना पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस मुख्यालय से सहरसा साइबर थाना के अपर थानाध्यक्ष रवीश रंजन को सरकारी नंबर पर जानकारी मिली थी कि 'A one media' नामक फेसबुक प्रोफाइल से AI तकनीक से एडिट किए गए आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। इन वीडियो में सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा था. साथ ही महिला पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी अशोभनीय पोस्ट साझा किए जा रहे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना ने तुरंत जांच शुरू की. जांच में सलखुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार का सहयोग लिया गया। फेसबुक आईडी की तकनीकी जांच के बाद संचालक की पहचान सलखुआ थाना क्षेत्र के चौराही गांव निवासी सुजीत कुमार के रूप में हुई. गुरुवार को पुलिस ने उसे सलखुआ से गिरफ्तार कर लिया. अपर थानाध्यक्ष रविश रंजन ने बताया कि AI तकनीक का गलत इस्तेमाल कर समाज में झूठी अफवाहें और नफरत फैलाना गंभीर संज्ञेय अपराध है. आरोपी के खिलाफ IT एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर कोई भी भ्रामक या आपत्तिजनक कंटेंट शेयर न करें. AI से एडिट वीडियो की पहचान कर तुरंत साइबर थाने को सूचना दें. साइबर पुलिस सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी कर रही है.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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