सार्वजनिक जगहों पर अश्लील, द्विअर्थी और जातिसूचक गाने बजाने पर सख्ती - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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18 जून 2026

सार्वजनिक जगहों पर अश्लील, द्विअर्थी और जातिसूचक गाने बजाने पर सख्ती

डेस्क: बिहार सरकार ने एक बार फिर से राज्य में अश्लील गानों पर बैन लगा दिया है. सम्राट सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत कोई भी सार्वजनिक जगहों पर अश्लील, द्विअर्थी, जातिसूचक गानों को नहीं बजा सकता है. सरकार का कहना है कि इन द्विअर्थी गानों की वजह से समाज में कटुता और वैमनस्य बढ़ रहा है. हालांकि, बिहार में अश्लील, द्विअर्थी यानी डबल मीनिंग और जातिवादी गानों पर रोक लगाने की कोशिशें कोई नई बात नहीं हैं. राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने पिछले कुछ सालों में 3 बार रोक लगाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं. चलिए जानते हैं कि कब-कब किन मौके पर राज्य में अश्लील गानों पर बैन लगा है. बिहार विधानसभा में मार्च 2023 में कांग्रेस विधायक प्रतिमा कुमारी ने अश्लील और दोहरे अर्थ वाले भोजपुरी गानों का मुद्दा उठाया था. उन्होंने दलील दी थी कि ऐसे गानों से महिलाओं और बच्चों पर बेहद खराब असर पड़ता है. तब सरकार ने सदन को आश्वासन दिया था कि इस पर जल्द ही सख्त नीति बनाई जाएगी. बिहार पुलिस ने त्योहारों के दौरान हुड़दंग और अश्लीलता रोकने के लिए पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाया था. गृह विभाग संभाल रहे तत्कालीन अधिकारियों के निर्देश पर सभी जिला कप्तानों (SP) को आदेश दिए गए थे कि होली के हुड़दंग में अश्लील और भड़काऊ गाने बजाने वालों के खिलाफ फौरन एफआईआर दर्ज की जाए.
फरवरी, 2025 में बस, ऑटो, ट्रक या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अश्लील या द्विअर्थी गाने बजाने वालों पर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया था. इस निर्देश में अश्लील या द्वि-अर्थी गाने बजाने वालों पर केस दर्ज कर जेल भेजने का आदेश था. बिहार में अश्लील और जातिसूचक गीतों पर सख्ती की तैयारी कर ली गई है. कला एवं संस्कृति विभाग ने गृह विभाग को लिखा पत्र है. पत्र में सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील, द्विअर्थी और जातिसूचक गीतों के प्रसारण पर रोक की मांग की गई है. कला एवं संस्कृति विभाग ने गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा है. साथ ही बाजार, वाहन, विवाह समारोह और सामाजिक कार्यक्रमों में बजने वाले गीतों पर चिंता जताई है. ऐसे गीतों से सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही गई है. महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव का उल्लेख किया गया है. बिहार की लोक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की रक्षा की जरूरत बताया है. सभी डीएम, एसएसपी और एसपी को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र की प्रति भेजी गई है और राज्यभर में प्रभावी नियंत्रण और निगरानी की मांग की गई है. बता दें कि बिहार सरकार में कला और संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी मार्च, 2026 में अश्लील गानों को लेकर चेतावनी जारी की थी. उन्होंने कहा था कि समाज में दूषित और अश्लील गानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर समाज में कोई फूहड़ता फैलता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.

(रिपोर्ट:- सुनीत साना)

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