सुपौल: कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने का आरोप. प्रतापगंज थाने में जब्त सामान की चोरी और बिक्री का बड़ा मामला सामने आया है. मालखाने से 6162 बोतल प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप गायब कर उसे नशे के आदी ग्राहकों को बेचने के आरोप में थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 4 अन्य पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. मामले की गुप्त शिकायत डीजीपी के पास पहुंचने के बाद सुपौल एसपी शरथ आरएस ने पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय की अध्यक्षता में वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार और साइबर डीएसपी गौरव गुप्ता को शामिल कर त्रि-सदस्यीय जांच समिति बनाई. 11 जून को सौंपी गई रिपोर्ट में मालखाने की भारी गड़बड़ी उजागर हुई. कांड संख्या 216/25 में 13 अक्टूबर 2025 को एक पिकअप से 7560 बोतल कोडीन कफ सिरप जब्त किया गया था. एफएसएल के लिए 8 बोतल भेजने के बाद मालखाने में 7552 बोतल होनी चाहिए थीं, लेकिन जांच में सिर्फ 1390 बोतल मिलीं. यानी 6162 बोतल चोरी कर ली गईं. गड़बड़ी छिपाने के लिए मालखाने में 2842 बोतलें ऐसी रखी मिलीं जो 2026 में बनी थीं और जब्ती सूची के ब्रांड-बैच से बिल्कुल अलग थीं. जांच समिति ने इसे सबूत मिटाने की कोशिश माना. जांच में थानाध्यक्ष पुअनि धर्मेंद्र कुमार पर पूर्व में जब्त ट्रैक्टर का डायनमो, टायर, बैटरी और टोटो की बैटरी बेचने का भी आरोप मिला. 6 मई को लूट कांड की अपाचे बाइक लाने के बाद उसे छोड़ देने और अभिलेख संधारण में गंभीर त्रुटियों के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय पुलिस केंद्र, सुपौल भेजा गया. सीटीवी की जांच में 28 मई से पहले का फुटेज डिलीट मिला. समिति ने इसे घोर लापरवाही और संदिग्ध आचरण करार दिया. दिसंबर 2023 में अनुकंपा पर नियुक्त चौकीदार राहुल कुमार ने अपर थानाध्यक्ष पूनम कुमारी के सामने कबूला कि ड्यूटी के दौरान त्रिवेणीगंज निवासी आशीष से उसकी जान-पहचान हुई. आशीष ने कफ सिरप और देसी शराब बेचने का प्रस्ताव दिया. थानाध्यक्ष के बहन की शादी में छुट्टी पर जाने के बाद राहुल ने अग्निशमन सिपाही रंजन राज, चालक मनीष कुमार और डायल 112 के चालक अखिलेश कुमार के साथ मिलकर रात 12 बजे मालखाने से सिरप निकालकर आशीष को सप्लाई करना शुरू कर दिया। पैसा चारों आपस में बांट लेते थे. राहुल ने माना कि पहले भी जब्त शराब, बाइक और टोटो के पार्ट्स बेचे हैं. पकड़े जाने के डर से राहुल ने आशीष से माल वापस मांगा तो उसने 2026 में बनी 2842 बोतलें दे दीं। उसी को मालखाने में रखकर गड़बड़ी छिपाई गई, लेकिन जांच में खुलासा हो गया.
एसपी शरथ आरएस ने बताया कि शिकायत मिलते ही कार्रवाई हुई. एनडीपीएस एक्ट और चोरी की धाराओं में केस दर्ज कर सोमवार रात राहुल कुमार, रंजन राज, मनीष कुमार और अखिलेश कुमार को गिरफ्तार कर मंगलवार सुबह न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. चारों को पहले करजाईन थाने में रखा गया था. विभागीय सूत्रों के मुताबिक जांच में एएसआई और एसआई स्तर के कर्मियों पर भी केस दर्ज करने का आदेश था, लेकिन स्थानीय स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश के आरोप भी लग रहे हैं. इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में अफरा-तफरी है.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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