डेस्क: सुबह-सुबह पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन रणक्षेत्र बन गया. परीक्षा केंद्र दूर होने और ट्रेनों के लेट होने से नाराज सैकड़ों अभ्यर्थी ट्रैक पर उतर आए. प्रदर्शन देखते-देखते हिंसक हो गया, जिसमें रेल आईजी जितेंद्र राणा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें घंटों रुकी रहीं. अभ्यर्थियों का आरोप था कि परीक्षा केंद्र बहुत दूर दिए गए हैं और ट्रेनें समय पर नहीं चल रही हैं. गुस्साए छात्रों ने सुबह से ही पाटलिपुत्र स्टेशन पर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया. कई छात्र ट्रैक पर लेटकर परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे. जाम की वजह से रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया. राजधानी एक्सप्रेस सहित पाटलिपुत्र से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को बीच रास्ते रोका गया. कुछ ट्रेनों का रूट डायवर्ट करना पड़ा. यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सूचना मिलते ही रेल आईजी जितेंद्र राणा, रेल एसपी, आरपीएफ और जिला पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे. छात्रों को समझाने की कोशिश की गई, पर वे अड़े रहे. इसी दौरान छात्रों और पुलिस में झड़प हो गई और उग्र भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया.पथराव में रेल आईजी जितेंद्र राणा घायल हो गए. कई थानाध्यक्ष, पुलिसकर्मी और जवानों को भी चोटें आईं. प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर तोड़फोड़ कर रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. लाठीचार्ज के बाद चेतावनी के तौर पर फायरिंग भी की गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आईजी जितेंद्र राणा खुद हाथ में पिस्तौल लेकर मोर्चा संभाले और पुलिस बल का नेतृत्व करते दिखे. कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया. फिलहाल पाटलिपुत्र स्टेशन और आसपास भारी पुलिस बल तैनात है. रेलवे प्रशासन ट्रेनों का परिचालन सामान्य करने में जुटा है. पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. घटनास्थल पर देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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