मंत्री के निरीक्षण से गायब प्राचार्य पर गिरी गाज, प्रभार छीना - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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26 जून 2026

मंत्री के निरीक्षण से गायब प्राचार्य पर गिरी गाज, प्रभार छीना

डेस्क: स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को उनके पद से हटा दिया है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के अस्पताल दौरे के दिन बिना सूचना गायब रहने और ड्यूटी के समय निजी क्लीनिक में पाए जाने पर विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है. 23 जून को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत PMCH के निरीक्षण पर पहुंचे थे. निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह मौके से नदारद मिले. विभाग के मुताबिक, डॉ. नरेंद्र ने न तो पहले से छुट्टी के लिए आवेदन किया था और न ही अपनी अनुपस्थिति की कोई सूचना दी थी. जब विभागीय अधिकारियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन तक नहीं उठाया. इसके बाद हुई जांच में सामने आया कि कार्यालय अवधि के दौरान डॉ. नरेंद्र अपने निजी क्लीनिक में मौजूद थे. हैरानी की बात यह कि उनके क्लीनिक के बाहर विभाग का सरकारी वाहन भी खड़ा पाया गया. 
स्वास्थ्य विभाग ने इसे घोर लापरवाही, कर्तव्यहीनता और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग माना है. तत्काल प्रभाव से डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को PMCH प्राचार्य के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है. अब उन्हें बेतिया स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में मनोरोग विभाग में प्राध्यापक के पद पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है. डॉ. नरेंद्र की जगह अब PMCH के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. गीता सिन्हा को प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है. इस कार्रवाई पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा स्वास्थ्य संस्थानों में जवाबदेही, अनुशासन और सुचारू प्रशासन हमारी प्राथमिकता है. इसे सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम आगे भी उठाए जाते रहेंगे. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 


वहीं, डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी है. उनका कहना है कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के PMCH निरीक्षण की पूर्व सूचना नहीं मिली थी. डॉ. नरेंद्र के मुताबिक कुछ दिन पहले मेरे ऊपर गर्म पानी गिर गया था, जिसका इलाज चल रहा है. इसी वजह से मैं उस दिन कॉलेज नहीं पहुंच सका. बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH में प्रशासनिक लापरवाही के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं. मंत्री के दौरे के दिन ही प्राचार्य का गायब रहना और निजी क्लीनिक में सरकारी गाड़ी के साथ पकड़ा जाना स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है. विभाग इस कार्रवाई से साफ संकेत दे रहा है कि अब वरिष्ठ अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी.

(रिपोर्ट:- सुनीत साना)

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