गौशाला की 122 बीघा भूमि पर अवैध मिट्टी कटाई का आरोप, एसडीएम से की जांच और कार्रवाई की मांग - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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15 जुलाई 2026

गौशाला की 122 बीघा भूमि पर अवैध मिट्टी कटाई का आरोप, एसडीएम से की जांच और कार्रवाई की मांग

मधेपुरा: जिले के सांसद आदर्श ग्राम पंचायत बालम गढ़िया के ग्राम बालम एवं चंदनपुर में स्थित श्रीकृष्ण गौशाला की भूमि पर कथित रूप से अवैध मिट्टी कटाई, मिट्टी की बिक्री और गरीब किसानों के शोषण का मामला सामने आया है. इस संबंध में चंदनपुर वार्ड संख्या-08 निवासी रामू मंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम), मधेपुरा को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि श्रीकृष्ण गौशाला के नाम पर पहले लगभग 122 बीघा भूमि दर्ज थी, जिसमें बालम, बूधमा लखराज, मधेपुरा और बसंतपुर-छातापुर क्षेत्र की जमीन शामिल थी. शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्षों से अध्यक्ष, सचिव और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत एवं मनमानी के कारण गौशाला की आधे से अधिक भूमि समाप्त हो चुकी है. आरोप है कि बची हुई जमीन पर भी अवैध गतिविधियां जारी हैं. गौशाला परिसर में बने तालाब, मखाना खेती वाले क्षेत्र और कार्यालय तक को नुकसान पहुंचाकर रास्ता बना दिया गया है तथा मिट्टी बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जा रहा है. 
शिकायत के अनुसार ग्राम बालम एवं चंदनपुर के किसान गौशाला की भूमि पर वर्षों से खेती करते हैं और निर्धारित वार्षिक शुल्क नियमित रूप से ठेकेदार को जमा करते हैं. इसके बावजूद ठेकेदार किसानों के साथ अनुचित व्यवहार करता है. आरोप है कि किसानों से शुल्क लेने के बाद उन्हीं के खेतों से जेसीबी और अन्य मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई कर उसे ट्रैक्टर ट्रॉली से बेच दिया जाता है. इससे खेतों की उपजाऊ मिट्टी नष्ट हो रही है और भविष्य में खेती प्रभावित होने की आशंका है. शिकायत में विशेष रूप से चंदनपुर वार्ड संख्या-08 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि लगभग 12 कट्ठा भूमि से करीब 100 ट्रॉली मिट्टी काटकर बेच दी गई. आरोप है कि इसी तरह कई अन्य किसानों की जमीन से भी मिट्टी की कटाई की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कृषि योग्य भूमि के स्थायी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि इस मामले की जानकारी गौशाला के सचिव को दी गई थी. सचिव ने स्थल निरीक्षण का आश्वासन दिया था, लेकिन चार दिन बीत जाने के बावजूद न तो निरीक्षण किया गया और न ही कोई कार्रवाई हुई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है. 


रामू मंडल ने एसडीएम से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध मिट्टी कटाई में संलिप्त ठेकेदार एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा जिन किसानों की कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है, उनका आकलन कर उचित न्याय और मुआवजा दिलाया जाए. शिकायत पत्र के साथ अवैध मिट्टी कटाई स्थल की तस्वीरें तथा सोशल मीडिया पर साझा किए गए संबंधित स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किए गए हैं.

(रिपोर्ट:- सुनीत साना)

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