बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, जांच और पुलिस कार्रवाई पर फिर उठे सवाल - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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16 जुलाई 2026

बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, जांच और पुलिस कार्रवाई पर फिर उठे सवाल

डेस्क: पटना के चर्चित बंटी यादव हत्याकांड में गुरुवार तड़के बड़ा घटनाक्रम सामने आया. मामले का मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रवीश उर्फ बसिया बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के बांस घाट के पास पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया. पुलिस के अनुसार रवीश ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी. घायल आरोपी को तत्काल इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी की गोली पुलिस वाहन के बोनट पर लगी थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग करनी पड़ी. घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और मामले की आगे की जांच जारी है. 

सरेआम अपहरण के बाद हुई थी बंटी की हत्या

बंटी यादव हत्याकांड ने पूरे बिहार में सनसनी फैला दी थी. पटना के न्यू करबिगहिया निवासी बंटी कुमार का 6 जुलाई की रात पटना जंक्शन के समीप स्थित दूध मंडी से कथित रूप से अपहरण कर लिया गया था. इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई और शव बरामद होने के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया. परिजनों का आरोप है कि बंटी इलाके में चल रहे कथित सेक्स रैकेट का विरोध करते थे. इसी कारण उनकी रवीश उर्फ बसिया से कई बार कहासुनी हुई थी. परिवार का दावा है कि हत्या से पहले आरोपी ने बंटी को धमकी भी दी थी. उनका आरोप है कि इसी विवाद के चलते साजिश के तहत अपहरण कर हत्या की गई. 

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

इस हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठे. परिजनों का कहना है कि अपहरण की सूचना समय रहते पुलिस को दी गई थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं होने के कारण अपराधियों को मौका मिल गया. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस स्थान से बंटी का अपहरण हुआ, वहां से पटना जंक्शन टीओपी की दूरी महज 100 मीटर थी. इसके बावजूद ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी नहीं मिली. 

चार पुलिसकर्मी निलंबित, थानाध्यक्ष से भी जवाब तलब

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी (मध्य) ममता कल्याणी ने पटना जंक्शन टीओपी पर तैनात एएसआई प्रवीण कुमार पंकज, सिपाही अवधेश कुमार, वीर बहादुर सिंह और होमगार्ड जवान सुदर्शन प्रसाद को निलंबित कर दिया. चारों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया कि इतनी बड़ी घटना की जानकारी उन्हें समय पर क्यों नहीं मिली. इसके अलावा कोतवाली थानाध्यक्ष अजय कुमार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. उनसे पूछा गया कि जब बंटी के परिजन शिकायत लेकर थाना पहुंचे थे, तब तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई. 

दो थानों के बीच भटकते रहे परिजन

बंटी के परिवार का आरोप है कि अपहरण के बाद जब वे शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो पहले कोतवाली थाना ने यह कहकर आवेदन लेने से इनकार कर दिया कि उनका घर जक्कनपुर थाना क्षेत्र में आता है. इसके बाद जक्कनपुर थाना पहुंचने पर वहां से यह कहकर वापस भेज दिया गया कि घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है. इस तरह पीड़ित परिवार कई घंटों तक दोनों थानों के बीच भटकता रहा. अंततः कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं. 

पुलिस का दावा: अवैध शराब कारोबार के विवाद में हुई हत्या

पुलिस की जांच में दावा किया गया है कि बंटी यादव अवैध शराब कारोबार से जुड़े थे और कमाई में हिस्सा नहीं देने को लेकर रवीश उर्फ बसिया और उसके सहयोगी मोनी से उनका विवाद चल रहा था. पुलिस के अनुसार घटना से दो दिन पहले दोनों आरोपियों ने बंटी को धमकी भी दी थी. जांच एजेंसी का कहना है कि इसी विवाद के बाद 6 जुलाई की रात आठ लोगों की मदद से बंटी का अपहरण कराया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार दो आरोपियों ने पूछताछ में इस साजिश का खुलासा किया है. 

परिवार ने पुलिस के दावों को बताया झूठ

बंटी की मां किरण देवी ने पुलिस के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि उनका बेटा कभी शराब तस्करी में शामिल नहीं था. उन्होंने पुलिस से सवाल किया कि यदि ऐसा था तो कोई प्रमाण सार्वजनिक किया जाए. किरण देवी का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह इलाके में चल रहे कथित सेक्स रैकेट का विरोध करता था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दूसरी दिशा देने की कोशिश की जा रही है और परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है. परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही हैं. 

जांच जारी

फिलहाल मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बसिया पुलिस निगरानी में अस्पताल में भर्ती है. पुलिस मुठभेड़ के बाद अब इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच और तेज होने की संभावना है. वहीं, बंटी यादव की हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी—अवैध शराब कारोबार का विवाद या फिर परिवार द्वारा लगाए गए अन्य आरोप—इसका अंतिम खुलासा पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगा.

(रिपोर्ट:- सुनीत साना)

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