चौसा: महिलाओं की शिक्षा देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. शिक्षित महिलाएं न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं. बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, बावजूद इसके गरीबी, बाल विवाह, सामाजिक रूढ़ियों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण आज भी कई लड़कियां शिक्षा से वंचित हैं. उक्त बातें आइकॉन ब्यूटीशियन मेकअप एकेडमी, भागलपुर की संचालिका पल्लवी जोशी ने शनिवार को कन्या मध्य विद्यालय, चौसा में बैगलेस डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं. वे विद्यार्थियों से महिलाओं के स्किल डेवलपमेंट और महिला शिक्षा के महत्व पर चर्चा कर रही थीं. उन्होंने कहा कि अतीत में सामाजिक मान्यताओं और रूढ़िवादी परंपराओं के कारण बड़ी संख्या में भारतीय लड़कियां शिक्षा से वंचित रहती थीं. आज परिस्थितियां बदली हैं और सरकार बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है. ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियान, छात्रवृत्ति और निःशुल्क पाठ्यपुस्तक जैसी सुविधाएं बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं. पल्लवी जोशी ने कहा कि शिक्षित महिलाएं परिवार में बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होती हैं. वे अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करती हैं. लड़कियों की शिक्षा में निवेश से गरीबी और लैंगिक भेदभाव को कम करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण का निर्माण कर ड्रॉपआउट की समस्या को कम किया जा सकता है. प्रत्येक लड़की को शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार है. शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं ही सशक्त परिवार और मजबूत समाज की नींव रखती हैं. मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय पासवान, शिक्षक संजय कुमार सुमन, प्रतिभा गुप्ता, बिंदु कुमारी, संजीवानंद, रेहाना खातून, उमेश प्रसाद यादव, प्रिया नंदी, हन्नान मंसूरी सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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