मधेपुरा: संकट की घड़ी में किसी जरूरतमंद की मदद करना ही सच्ची मानवता है. मधेपुरा के दो युवाओं ने अपने सेवा भाव से इस बात को साबित कर दिखाया. मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को जब तत्काल दो यूनिट रक्त की जरूरत पड़ी, तो अभ्यम ओनू और कुणाल राज ने आगे आकर स्वेच्छा से रक्तदान किया और मरीज के इलाज में मददगार बने. बताया जाता है कि नगर परिषद के वार्ड संख्या-20 निवासी संजीव कुमार चंदन गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं. उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा में भर्ती कराया गया था. चिकित्सकीय जांच में उनके शरीर में रक्त की कमी सामने आई. इसके बाद डॉक्टरों ने परिजनों को जल्द से जल्द दो यूनिट रक्त की व्यवस्था करने की सलाह दी. रक्त की तत्काल आवश्यकता को लेकर परिजन काफी चिंतित थे. इसी दौरान उन्होंने संकल्प मैत्री फाउंडेशन, मधेपुरा के सदस्य अब्यम ओनू से संपर्क किया. सूचना मिलते ही अब्यम ओनू ने तत्परता दिखाई और अपने बड़े भाई समान कुणाल राज के साथ अस्पताल पहुंच गए. दोनों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्वेच्छा से रक्तदान किया. दोनों युवाओं के इस प्रयास से मरीज के लिए समय पर दो यूनिट रक्त उपलब्ध हो सका. इसके बाद चिकित्सकों ने मरीज को रक्त चढ़ाकर उपचार जारी रखा. फिलहाल संजीव कुमार चंदन की स्थिति स्थिर बताई जा रही है. इस मानवीय पहल की अस्पताल परिसर में मौजूद चिकित्सकों, मरीज के परिजनों और अन्य लोगों ने सराहना की. दोनों युवाओं ने यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल किसी की जान बचाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी एक महत्वपूर्ण तरीका है. उल्लेखनीय है कि रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. चिकित्सकीय मानकों के अनुसार स्वस्थ और पात्र व्यक्ति निर्धारित अंतराल पर रक्तदान कर सकता है. रक्त के विभिन्न घटकों का उपयोग अलग-अलग जरूरतमंद मरीजों के उपचार में किया जा सकता है. अब्यम ओनू और कुणाल राज की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि जरूरतमंद की मदद के लिए उठाया गया छोटा-सा कदम भी किसी के जीवन में बड़ी उम्मीद बन सकता है.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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