
सिंहेश्वर महोत्सव का आयोजन कोशी की संस्कृति के साथ खिलवार बन कर रह गया है | दिखावे के लिए जिला प्रशासन ने आयोजन का प्रथम दिन स्थानीय कलाकार के लिए रखा लेकिन किसी भी स्थापित कलाकार को आयोजन तिथि तक इसकी सुचना नही दी गई | स्थानीय कलाकारों ने उद्घाटन समारोह में अपनी उपेक्षा को लेकर विरोध दर्ज कराया तो जिला प्रशसन व्यक्तिगत रूप से विरोध करने वाले के पीछे पड़ गये और कलाकारों को आंतकित करने का प्रयास जारी रखा है | कार्यक्रम के दुसरे दिन जिल प्रशासन की महोत्सव के प्रति संवेदनहीनता सीधे तौर पर दिखी जब तथाकथित इंडियन आइडल फेम के कलाकारों द्वारा आर्केस्ट्रा के माध्यम से अश्लील और फूहड़ गीत,संगीत और नृत्य को पड़ोसा गया फ़िल्मी आइटम गीत और फूहड़ लोक गीतों की मंच से सर्वजनिक प्रस्तुति की गई | और तो और जिले के आलाधिकारी अपने बनाये नियम को तोड़ते हुए ऐसे कार्यक्रम में रात के 10 बजे के बाद तक खोए रहे, कई अश्लील गाने तो जिले के वरीय अधिकारियों को समर्पित कर गाये गये | मधेपुरा स्थानीय कलाकार महोत्सव के साथ इस तरह के खिलवाड़ और कोशी की संस्कृति विकृत करने की पुरजोर विरोध करती है | जिस पर अधिकरियों द्वारा कोई प्रतिक्रिया नही दी गई वे भी गाने क लुफ्त उठाते देखे गए |