जिलाधिकारी भी उस समय अचरज में पड़ गए, जब एक 'मृतक' उनके सामने आकर पेंशन की मांग करने लगे। हुआ यूं कि समाहरणालय स्थित सभागार में गुरूवार को जिला पदाधिकारी जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनी जा रही थी कि उसी दौरान एक आवेदक ने कहा कि वह तो जिंदा हैं परंतु बीएलओ ने मृत घोषित कर मेरा नाम मतदाता सूची से हटा दिया है। इस कारण मुझे पेंशन की राशि नहीं मिल रही है। जिले के गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के जीवछपुर पंचायत के दयालपुर निवासी पीड़ित अनन्न सादा ने जिलाधिकारी गोपाल मीणा को जब अपनी समस्या रखी तो डीएम ने तत्काल जांच के आदेश दिया। आवेदक ने कहा कि संशोधित मतदाता सूची निर्माण हेतु सर्वेक्षण के लिए उत्क्रमित मध्य विद्यालय दयालपुर के शिक्षक नरेश प्रसाद यादव मेरे पास आए और सूची में नाम डालने के लिए हमसे रिश्वत की मांग करने लगे। रिश्वत नहीं देने पर मेरा नाम को यह कहते हुए हटा दिया कि मेरी मौत हो गई है। मेरी मृत्यु के बारे में प्रमोद सादा से आवेदन लिखा लिया गया जबकि पूर्व में प्रकाशित सूची में मेरा क्रमांक- 224 है तथा पहचान पत्र संख्या- केजेएक्स 1259035 तथा गृह संख्या- 36 दर्ज है। उसके बाद डीएम ने आदेश दिया कि इस तरह के अपराध करने वाले बीएलओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाय। आदेश मिलते ही जनता दरबार के दौरान ही गम्हरिया के बीडीओ को आदेश दिया गया कि वे संबंधित बीएलओ से कारण पृच्छा की मांग कर प्राथमिकी दर्ज करें। आलमनगर अंचल के खुरहान निवासी सुभाष कुमार सिंह ने कहा कि हल्का नं.- तीन के कर्मचारी तथा अंचलाधिकारी ने रिश्वत लेकर मेरे जमीन का दाखिल खारिज दूसरे आदमी के नाम से कर दिया है। इसके बाद मैने सूचना के अधिकार के तहत उक्त दाखिल खारिज से संबंधित ब्योरा मांगा किंतु मुझे कुछ जबाव नहीं मिला। मामले से परेशान होकर मैं जनता दरबार का चक्कर काट रहा हूं किंतु न्याय कोसों दूर है। इस तरह अधिकांश मामले जमीन विवाद से ही जुड़ा था। जनता दरबार में विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे।
जिलाधिकारी भी उस समय अचरज में पड़ गए, जब एक 'मृतक' उनके सामने आकर पेंशन की मांग करने लगे। हुआ यूं कि समाहरणालय स्थित सभागार में गुरूवार को जिला पदाधिकारी जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनी जा रही थी कि उसी दौरान एक आवेदक ने कहा कि वह तो जिंदा हैं परंतु बीएलओ ने मृत घोषित कर मेरा नाम मतदाता सूची से हटा दिया है। इस कारण मुझे पेंशन की राशि नहीं मिल रही है। जिले के गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के जीवछपुर पंचायत के दयालपुर निवासी पीड़ित अनन्न सादा ने जिलाधिकारी गोपाल मीणा को जब अपनी समस्या रखी तो डीएम ने तत्काल जांच के आदेश दिया। आवेदक ने कहा कि संशोधित मतदाता सूची निर्माण हेतु सर्वेक्षण के लिए उत्क्रमित मध्य विद्यालय दयालपुर के शिक्षक नरेश प्रसाद यादव मेरे पास आए और सूची में नाम डालने के लिए हमसे रिश्वत की मांग करने लगे। रिश्वत नहीं देने पर मेरा नाम को यह कहते हुए हटा दिया कि मेरी मौत हो गई है। मेरी मृत्यु के बारे में प्रमोद सादा से आवेदन लिखा लिया गया जबकि पूर्व में प्रकाशित सूची में मेरा क्रमांक- 224 है तथा पहचान पत्र संख्या- केजेएक्स 1259035 तथा गृह संख्या- 36 दर्ज है। उसके बाद डीएम ने आदेश दिया कि इस तरह के अपराध करने वाले बीएलओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाय। आदेश मिलते ही जनता दरबार के दौरान ही गम्हरिया के बीडीओ को आदेश दिया गया कि वे संबंधित बीएलओ से कारण पृच्छा की मांग कर प्राथमिकी दर्ज करें। आलमनगर अंचल के खुरहान निवासी सुभाष कुमार सिंह ने कहा कि हल्का नं.- तीन के कर्मचारी तथा अंचलाधिकारी ने रिश्वत लेकर मेरे जमीन का दाखिल खारिज दूसरे आदमी के नाम से कर दिया है। इसके बाद मैने सूचना के अधिकार के तहत उक्त दाखिल खारिज से संबंधित ब्योरा मांगा किंतु मुझे कुछ जबाव नहीं मिला। मामले से परेशान होकर मैं जनता दरबार का चक्कर काट रहा हूं किंतु न्याय कोसों दूर है। इस तरह अधिकांश मामले जमीन विवाद से ही जुड़ा था। जनता दरबार में विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे।









