07/05/15 जिले भर के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है। विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी लंबे समय से बनी हुई है। दवाइयों की कमी होने की वजह से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
जानकारी के अनुसार 145 में से सिर्फ 50 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध है। इनमें से कई ऐसी दवाएं भी जो उपयोग के लायक नहीं है। दवाइयों की कमी पिछले दो माह से बनी हुई है। अस्पताल में पारासिटामोल, एंटीबायोटिक व कफ सीरप जैसी दवाइयों की कमी बनी हुई है। रोगियों को बाजार से दवाइयां खरीद कर लानी पड़ती है। आर्थिक बोझ पड़ने से गरीब मरीजों और उनके परिजनों में आक्रोश गहरा रहा है। सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन भी नहीं है।
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'बीएमएसआइसीएल से दवा की आपूर्ति नहीं होने के कारण कुछ दवाइयों की कमी हुई है। कुछ दवाओं की खरीद स्थानीय स्तर पर की गई थी। राशि के अभाव में अधिक दवाओं की खरीद नहीं हो सकी। दवा आपूर्ति के लिए स्वास्थ विभाग एवं बीएमएसआइसीएल को लिखा गया है।'
डा. एके वर्मा
प्रभारी सिविल सर्जन









