07/05/15 जिलाधिकारी गोपाल मीणा के जनता दरबार में गुरुवार को चक्रवाती तूफान पीड़ितों की सूची में अपना नाम शामिल करने की मांग करने वालों की सर्वाधिक भीड़ थी। तूफान पीड़ितों का सीधा आरोप था कि उनका घर क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन सर्वेक्षकों ने उनका नाम नहीं लिखा। ऐसे अधिकांश मामले पूछताछ में किसी के द्वारा लाये गये प्रतीत हुए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई होगी। चौसा से आये सुनील कुमार मुन्ना का भी गुजारिश था कि उनका ट्रेक्टर 1991 से ही विधान सभा, लोक सभा, पंचायत चुनावों में चुनाव कार्य हेतु जिला प्रशासन द्वारा अधिगृहित किया जाता रहा है। लेकिन कभी इसकी राशि नहीं मिली। डीएम ने पुराने मामले के बदले गत लोक सभा चुनाव के बाबत पूछा तो उन्होंने कहा कि ट्रेक्टर नहीं दिया था। पुराने चुनावों का विपत्र भुगतान करना अब मुश्किल होगा। इसके लिए न्यायालय जाने का परामर्श दिया गया। जनता दरबार में पैक्स और एसएफसी द्वारा किसानों का धान लेकर दो-ढ़ाई माह बाद भी भुगतान नहीं करने वाले अनेक किसान आये। चौसा प्रखंड में एसएफसी द्वारा दो दिनों के अन्दर भुगतान करने की बात कही गई। जबकि पैक्स द्वारा क्रय की गई धान के बाबत बताया गया कि अब पैक्स धान का चावल बनाकर एसएफसी को देंगे तभी उन्हें धान की कीमत का भुगतान हो सकेगा।मठाही के उपमुखिया देवकिशोर यादव की फरियाद थी की मठाही में निर्माणाधीन बाढ़ आश्रय सह आपदा नियंत्रण के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी जांच कराई जाय। इसकी जांच का आश्वाशन दिया गया। रानीपट्टी के रूपनारायण यादव की फरियाद थी कि वहां के राजस्व कर्मचारी के बिचौलिया सह मुंशी शत्रुघन प्रसाद यादव के शोषक चरित्र का जब उन्होने जनता दरबार में शिकायत किया तो उनके खाते के 12 कट्ठा भूमि को दूसरे के नाम कर दिया। अब फिर मुझे धमकी दी जा रही है। टीपी कालेज के बीएड संकाय के छात्र दीपक, पंकज, रविन्द्र ने बीएड संकाय के छात्र-छात्राओं को भी नियमानुसार छात्रवृति दिये जाने की मांग की।
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