विज्ञान के साथ धर्म को भी मिले महत्व : साध्वी विशभरा - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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1 जून 2015

विज्ञान के साथ धर्म को भी मिले महत्व : साध्वी विशभरा


01/06/15 श्रीमदभागवत नवाह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन प्रवचन करते हुए साध्वी सुश्री विश्वम्भरा भारती ने भगवान शिव व दक्ष प्रजापति के मनोमालिन्य प्रसंग, जड़मरत गाथा, ईश्वर से साक्षात्कार आदि तत्व ज्ञान की बातें सुनाई। इसका श्रद्धालुओं ने एकाग्रचित होकर रसास्वादन किया। साध्वी ने कहा कि भारतीय ऋषि-मुनियों ने विश्व को अगसु अनुदान दिए हैं। जीवन का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं था जो इनके लिए रहस्य रहा हो। उनकी खोज उत्कृष्ट वैज्ञानिक उपलब्धियां थी जो आज के विज्ञान के लिए भी चुनौती है। विज्ञान के साथ साथ धर्म को भी महत्व दिया जाना चाहिए। विज्ञान ने जब कभी भी धर्म का त्याग किया है, वैज्ञानिक शक्तियों का दुरुपयोग हुआ है। महाभारत जैसे विनाशकारी युद्ध हुए।

उन्होंने कहा कि ईश्वर का साक्षात्कार ही धर्म है। ईश्वर को प्राप्त किये बिना मानव में मानवता का वास नहीं हो सकता है। गुरु आशुतोष जी महाराज श्रेष्ठ समाज की स्थापना के लिए प्रत्येक व्यक्ति को ब्रह्माज्ञान के जरिए ईश्वर से साक्षात्कार कराते हैं। ईश्वर से जुड़ने के बाद मानव में मानवता का गुण स्वत: आने लगता है। फिर वह न तो समाज कको क्षति पहुंचाता है और न प्रवृति को। उन्होंने कहा कि समाज को अधोगति से बचाने के लिए धर्मायुक्त बुद्धि की जरूरत है। हमें अपने अपने महापुरूषों के के सिद्धांतों का अनुसरण करना चाहिए। संयुक्त परिवार प्रणाली की वापसी और बुजुर्गो को सम्मान देना होगा।
इस मौके पर किरण भारती, हरिप्रीति भारती, समिता भारती, निवृति भारती, ममतामयी भारती, सालोम्या भारती, हरिअर्चना भारती, सर्वमुखी भारती, स्वामी अमृत, स्वामी राजदीव, स्वामी यशेश्वरानन्द, स्वामी कुलविन्दर आदि के अतिरिक्त मुख्य जयमान रंजन कुमार, सरोज यादव, जयकुमार यादव, पुनीता कुमारी, तनुजा देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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