
29/08/15 भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की लीला अपरंपार है. कोई ना कोई मुद्दा हमेशा सामने आते रहे है. इस बार नया मुद्दा यह है कि विश्वविद्यालय विभिन्न परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र कहां सेट करवता है. और किससे छपवाता है. जिसमें गलतियों की भरमार है. सवाल का परिपेक्ष्य जानकर और प्रकाशित प्रश्न पत्रों को देखकर हर कोई कहता है कि आखिर परीक्षा विभाग क्या कर रहा है.परीक्षा विभाग सदा विवादों में ही फंसता रहा है. 28 अगस्त को पीजी (फाइनल) 2014 के वनस्पति शास्त्र के नौंवे पत्र की परीक्षा हुई. प्रश्न पत्र देखकर परीक्षार्थी भी भौचक थे. प्रश्न में दस सवाल थे जिसमें कुल आठ गलतियां थी. गलतियां भी ऐसी कि परीक्षार्थी गफलत में रह जाय. लेकिन भला हो, कुछ वीक्षकों का जिन्होंने परीक्षार्थी को समय रहते चेतावनी देते हुए सभी शब्द लिखवा दिये. नमूने के तौर पर आप भी देखें कि प्रश्न-1 के ई में घेरे के अंदर ओ के बदले डबल ओ लिखा है. इसी प्रकार प्रश्न दो में, प्रश्न तीन में, प्रश्न चार में, प्रश्न छह में, प्रश्न आठ के सी में, प्रश्न नौ में और प्रश्न दस में तो अनर्थ करते हुए इन विट्रो कल्चर के बदले नाइट्रोकल्चर लिखा है. प्रश्न पत्रों की यह गड़बड़ी यहां अब नई नहीं रही. इस मुद्दे पर बवाल तो परीक्षार्थी खूब मचाते हैं लेकिन उपलब्ध सुविधाओं के कारण इस मुद्दे पर खीज उतार कर रह जाते हैं. हम आखिर कर पूछना चाएगे कि ऐसे प्रश्न पत्र कौन सेट करता है और कहां छापा जाता है.







