
बीएनएमयू के कार्यकलाप के खिलाफ एआइएसएफ कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विवि में प्रदर्शन कर नारेबाजी की. एआइएसएफ के नेता हर्षवर्द्धन सिंह राठौर, मो वसीमुददीन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विविभन्न मुददों को लेकर प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने 11 सूत्री मांगों को लेकर विवि मेन गेट को जाम कर नारेबाजी की. छात्र नेताओं ने बीएड के रिजल्ट में व्यापक पैमाने पर हुई गडबडी, बीसीए की काॅपी का पूनर्मूल्यांकन कराने, बीएन मंडल की जयंती और विवि स्थापना समारोह को एकेडमिक कैलेंडर में शामिल करने, बीए पार्ट वन के स्पेशल प्राइक्टिकल अविलंब लेने, विवि में दीक्षांत समारोह आयोजित करने, टीपी काॅलेज, पीएस काॅलेज में गल्र्स हाॅस्टल बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. छात्रों ने वीसी डाॅ बिनोद कुमार से मिलकर अपनी मांगों को रखा. वीसी ने सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया.
बीएड रिजल्ट पर जताया आक्रोश
बीएनएमयू के सत्र 2014-15 के बीएड की रिजल्ट प्रकाशित होने के बाद छात्रों में आक्रोश देखा गया. रिजल्ट में प्राईवेट काॅलेज के शत-प्रतिशत छात्रों को विशिष्ठ अंक प्राप्त हुए हैं जबकि सरकारी काॅलेज के छात्रों में विशिष्ठता के साथ रिजल्ट की कमी है. इससे आक्रोशित कई काॅलेजों के छात्रों ने सोमवार को विवि के मुख्य गेट को जामकर नारेबाजी की. छात्रों का आरोप है कि काॅपी का मूल्र्यांकन गलत और अवैध ढंग से हुआ है. खासकर एमएलटी काॅलेज सहरसा के छात्रों ने आरोप लगाया कि एक प्रतिष्ठित संस्थान के प्रति जानबुझ कर शडयंत्र किया गया है. विवि मेन गेट को बंद कर नारे लगा रहे छात्रों से मिलने प्राॅटेक्टर डाॅ बीएन विवेका पहुंचे. उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं हुए. छात्रों ने परीक्षाफल से संबंधित आंकडे भी उन्हें दिखाया जिसमें कई प्राइवेट काॅलेज और सरकारी काॅलेज को देखा गया. बाद में छात्रों का शिष्टमंडल वीसी डाॅ बिनोद कुमार से मिलकर आवेदन सौंपा. छात्रों ने कहा कि एमएलटी काॅलेज से मात्र 8 छात्रों को डिसटिंक्सन मिला है. जबकि प्राईवेट काॅलेज के छात्रों को सबों को डिसटिंक्सन मिला है. छात्रों ने स्पष्ट रूप से विवि पर गलत करने का आरोप लगाया. मौके पर नवनीत कुमार, आशिष कुमार, विजय कुमार शर्मा, रितेश कुमार, पल्लवी, एकता कुमारी, माधव, प्रभूल्ल कुमार, रतन कुमार, करिशमा कुमारी, बबली, रंजीता, चुन्नी कुमारी, चंदन कुमार सिंह सहित बडी संख्या में छात्र मौजूद थे.
(रिपोर्टः डाॅ रंजन कुमार रमण)








