सिंहेश्वर
पर्यटन विभाग बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सिंहेश्वर महोत्सव का आगाज रविवार को सिंहेश्वर स्थित मवेशी हॉट में हुआ.
महोत्सव का उद्घाटन पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार सिंह विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, एससी- एसटी कल्याण मंत्री डॉ. रमेश ऋषिदेव, सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत, जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
अतिथियों को जिला प्रशासन की ओर से पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रशिक्षण देकर सम्मानित किया गया. पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने अपने संबोधन में कहा कि सबों की उम्मीदें रहती है कि महोत्सव में अच्छे से अच्छे कलाकारों को बुलाया जाए. बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन का यही कोशिश करती है कि सबों की उम्मीदों पर खड़े उतरे.
इस लिए हर संभव रहता है कि फ़िल्मी कलाकारों को बुलाया जाए. उन्होंने कहा कि इस धरती पर जो भी आते हैं वह अपना माथा जरूर टेकते हैं. बिहार लगातार प्रगतिशील है. हम लगातार अच्छे होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सोनपुर मेले के स्तर तक सिंहेश्वर मेले को ले जाया जाएगा. राज्य स्तर पर सोनपुर के बाद सिंहेश्वर मेला ही है.
सोनपुर मेले का आयोजन पर्यटन विभाग कर रहा है. भविष्य में सिंहेश्वर मेले का स्तर भी इस लायक कर दिया जाएगा. कहा कि सिंहेश्वर महोत्सव की प्रतिष्ठा हर साल बढ़ती जा रही है. बचपन से बिहार में सोनपुर और सिंहेश्वर मेला के बारे में सुनते आ रहे हैं. सोनपुर मेला की तर्ज पर आगे बढ़ने के लिए प्रयास किया जाए.
बाहर से आने वाले लोग हमारे मेल के ब्रांड एंबेसडर होते हैं. उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद लोगों ने कहा कि राज्य में पर्यटक कम आएंगे. लेकिन साल दर साल यह संख्या बढ़ते जा रही है. लोग बिहार शराब पीने नहीं बिहार दर्शन के लिए आते हैं. बाहरी लोग हमारे ब्रांड एम्बेसेडर की तरह प्रचार करते हैं.
सिंहेश्वर मेले में भी बाहर से आने वाले लोगों को वैसा माहौल देना होगा. मंत्री नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि भारत की गंगा जमुनी संस्कृति हमारी धरोहर है. सिंहेश्वर महोत्सव के माध्यम से हम अपने पुरखों एवं देवी देवताओं को याद करते हैं. 2019-20 में राज्य में 11 लाख से अधिक पर्यटक आए. पर्यटक को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है.
एससी-एसटी कल्याण मंत्री डॉ. रमेश ऋषिदेव ने कहा कि इस बार महोत्सव को 12 दिन का कर दिया गया है. इसमें तीन दिन बॉलीवुड के कलाकार और नौ दिन रामायण का मंचन किया जाएगा. महोत्सव को इस विस्तार देने के लिए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने काफी सहयोग दिया.
सांसद दिलेश्वर कामत ने कहा कि सिंहेश्वर मेला का ऐतिहासिक महत्व रहा है. वर्षों से यहां लोग बाबा का पूजा करने बिहार भर से आते हैं. बदलते समय से साथ मेला के स्वरूप में परिवर्तन हुआ है. बावजूद मेला का आनंद बढ़ते जा रहा है. स्वागत भाषण एडीएम शिव कुमार शैव ने दिया. जबकि धन्यवाद ज्ञापन डीडीसी बिनोद प्रसाद सिंह ने किया.
सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुरुआत संगीत शिक्षिका शशिप्रभा जायसवाल के स्वागत गीत से हुआ. नन्ही सी बच्ची ऐश्वर्या में गिटार को राष्ट्रीय धुन की प्रस्तुति दी. जिसे सुन सभी मंत्रमुग्ध हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट से बच्ची का हौसला अफजाई किया. उसके बाद पूर्वोत्तर के कलाकार में महिषासुर बध की झांकी की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया.
ब्लू फायर इन्टरटेन्टमेंट के कलाकारो के द्वारा राधा कृष्ण की झांकी ''किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए'' गीत पर प्रस्तुत किया. झांकी की प्रस्तुति देख लोगों की तालियां रोके ना रुकी. उसके बाद स्थानीय कलाकार प्रोफेसर अरुण कुमार बच्चन, प्रो. रीता कुमारी, राजीव तोमर, रोशन कुमार, कृति सिंह आदि की प्रस्तुति हुई.
(रिपोर्ट:- गणेश कुमार गुप्ता / फोटोग्राफ:- दिलखुश कुमार)
पर्यटन विभाग बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सिंहेश्वर महोत्सव का आगाज रविवार को सिंहेश्वर स्थित मवेशी हॉट में हुआ.
महोत्सव का उद्घाटन पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार सिंह विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, एससी- एसटी कल्याण मंत्री डॉ. रमेश ऋषिदेव, सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत, जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
अतिथियों को जिला प्रशासन की ओर से पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रशिक्षण देकर सम्मानित किया गया. पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने अपने संबोधन में कहा कि सबों की उम्मीदें रहती है कि महोत्सव में अच्छे से अच्छे कलाकारों को बुलाया जाए. बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन का यही कोशिश करती है कि सबों की उम्मीदों पर खड़े उतरे.
इस लिए हर संभव रहता है कि फ़िल्मी कलाकारों को बुलाया जाए. उन्होंने कहा कि इस धरती पर जो भी आते हैं वह अपना माथा जरूर टेकते हैं. बिहार लगातार प्रगतिशील है. हम लगातार अच्छे होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सोनपुर मेले के स्तर तक सिंहेश्वर मेले को ले जाया जाएगा. राज्य स्तर पर सोनपुर के बाद सिंहेश्वर मेला ही है.
सोनपुर मेले का आयोजन पर्यटन विभाग कर रहा है. भविष्य में सिंहेश्वर मेले का स्तर भी इस लायक कर दिया जाएगा. कहा कि सिंहेश्वर महोत्सव की प्रतिष्ठा हर साल बढ़ती जा रही है. बचपन से बिहार में सोनपुर और सिंहेश्वर मेला के बारे में सुनते आ रहे हैं. सोनपुर मेला की तर्ज पर आगे बढ़ने के लिए प्रयास किया जाए.
बाहर से आने वाले लोग हमारे मेल के ब्रांड एंबेसडर होते हैं. उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद लोगों ने कहा कि राज्य में पर्यटक कम आएंगे. लेकिन साल दर साल यह संख्या बढ़ते जा रही है. लोग बिहार शराब पीने नहीं बिहार दर्शन के लिए आते हैं. बाहरी लोग हमारे ब्रांड एम्बेसेडर की तरह प्रचार करते हैं.
सिंहेश्वर मेले में भी बाहर से आने वाले लोगों को वैसा माहौल देना होगा. मंत्री नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि भारत की गंगा जमुनी संस्कृति हमारी धरोहर है. सिंहेश्वर महोत्सव के माध्यम से हम अपने पुरखों एवं देवी देवताओं को याद करते हैं. 2019-20 में राज्य में 11 लाख से अधिक पर्यटक आए. पर्यटक को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है.
एससी-एसटी कल्याण मंत्री डॉ. रमेश ऋषिदेव ने कहा कि इस बार महोत्सव को 12 दिन का कर दिया गया है. इसमें तीन दिन बॉलीवुड के कलाकार और नौ दिन रामायण का मंचन किया जाएगा. महोत्सव को इस विस्तार देने के लिए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने काफी सहयोग दिया.
सांसद दिलेश्वर कामत ने कहा कि सिंहेश्वर मेला का ऐतिहासिक महत्व रहा है. वर्षों से यहां लोग बाबा का पूजा करने बिहार भर से आते हैं. बदलते समय से साथ मेला के स्वरूप में परिवर्तन हुआ है. बावजूद मेला का आनंद बढ़ते जा रहा है. स्वागत भाषण एडीएम शिव कुमार शैव ने दिया. जबकि धन्यवाद ज्ञापन डीडीसी बिनोद प्रसाद सिंह ने किया.
सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुरुआत संगीत शिक्षिका शशिप्रभा जायसवाल के स्वागत गीत से हुआ. नन्ही सी बच्ची ऐश्वर्या में गिटार को राष्ट्रीय धुन की प्रस्तुति दी. जिसे सुन सभी मंत्रमुग्ध हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट से बच्ची का हौसला अफजाई किया. उसके बाद पूर्वोत्तर के कलाकार में महिषासुर बध की झांकी की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया.
ब्लू फायर इन्टरटेन्टमेंट के कलाकारो के द्वारा राधा कृष्ण की झांकी ''किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए'' गीत पर प्रस्तुत किया. झांकी की प्रस्तुति देख लोगों की तालियां रोके ना रुकी. उसके बाद स्थानीय कलाकार प्रोफेसर अरुण कुमार बच्चन, प्रो. रीता कुमारी, राजीव तोमर, रोशन कुमार, कृति सिंह आदि की प्रस्तुति हुई.
(रिपोर्ट:- गणेश कुमार गुप्ता / फोटोग्राफ:- दिलखुश कुमार)











