महोत्सव के दूसरे दिन स्थानीय कलाकारों ने झूमने पर किया मजबूर - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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24 फ़रवरी 2020

महोत्सव के दूसरे दिन स्थानीय कलाकारों ने झूमने पर किया मजबूर

सिंहेश्वर
श्रृंगी ऋषि तपोवन सिंहेश्वर धाम में पर्यटन विभाग बिहार एवं  जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सिंहेश्वर महोत्सव के दूसरे दिन सबसे पहले स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति हुई.
                      जहां गायन व नृत्य की प्रस्तुति ने समां बांध दिया. सबसे पहले संजीव कुमार ने "मुरलिया बाजे रे मूरलिया बाजे", ''हम तो हैं प्रदेश में, देश में निकला होगा चांद'' गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया. उसके बाद संतोष कुमार एवं अलोक कुमार ने अपनी बेहतरीन गायिकी से दर्शकों की तालियां बटोरी. आदित्य ग्रुप ने नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी.
                  वहीं सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली संस्था प्रांगण रंगमंच ने अमित आनंद एवं दिलखुश कुमार के निर्देशन में अघोरी नृत्य की प्रस्तुति देकर पंडाल में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. जिसमें अनुप्रिया, तन्नू कुमारी, अंशु कुमारी, ऋषिका, अमित आनंद, नीरज कुमार निर्जल, आशीष कुमार सत्यार्थी, शिवानी अग्रवाल, शिवांगी गुप्ता, लिज़ा मान्या, नेहा भगत, मुस्कान अग्रवाल, अब्यम ओनू, विद्यांशु कुमार ने अपनी बेहतर प्रस्तुति से कार्यक्रम में समा बांध दिया जबकि सहयोग अक्षय कुमार, शशि भूषण कुमार, बबलू कुमार, सुनीत कुमार, शशि प्रभा जयसवाल, गरिमा उर्विशा, शैब्‍यम शशि आदि ने सम्मिलित रूप से किया.
                               उसके बाद सिंहेश्वर की बेटी तनुजा सोनी ने अपनी सुरीली आवाज में गायन की प्रस्तुत दी. वही कला मंदिर के कालकारों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य की अनोखी प्रस्तुति दी. सृजन दर्पण के कलाकारों ने जल जीवन हरियाली कार्यक्रम के तहत नाटक के माध्यम से लोगो को जल के बचाव को बताया गया.
                                 पूर्वोत्तर के कलाकारों ने तारकासुर वध का सचित्र चित्रण किया. राज सोनी मिमिक्री स्टार की प्रस्तुति, मगध संगीत संस्थान की प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. जिसके बाद सा रे गा मा पा की मधुरिमा बासु की प्रस्तुति हुई. मुंबई के कलाकार राज सोनी की मिमिक्री से लोग हंसते-हंसते लोट-पोट हो गए.
             मगध संगीत संस्थान के द्वारा शिव स्तुति, बिहार गौरव गाथा, झूमर, मुखौटा नृत्य, सोतर व होली जोगीरा की प्रस्तुति ने लोक संस्कृति की छटा बिखेरी. मधुरिमा बासु ने अपनी एक से बढ़कर एक गाने की प्रस्तुति देकर दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया.
(रिपोर्ट:- गणेश कुमार गुप्ता / फोटोग्राफ:- दिलखुश) 

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