मधेपुरा
कोरोना वायरस के कहर से पूरे विश्व के लोगों का जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। हजारों की संख्या में लोगों की मृत्यु हो रही है। भारत में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिसके कारण देश में 14 अप्रैल तक के लिए लॉक डाउन लागू कर दिया गया है।
कोरोना वायरस व लाॅक डाउन के कारण लोगों को हो रही परेशानियों को कम करने के लिए सरकारी व गैर सरकारी संगठनों द्वारा लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें बीएन मंडल विश्वविद्यालय के शिक्षकों का संगठन बीएनमुस्टा ने भी एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने का निर्णय लिया है।
बीएन मुस्टा के महासचिव डॉ. नरेश कुमार ने मार्च महीने के वेतन से एक दिन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में खाता में जमा करने के विवि के कुलसचिव काे पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि बीएन मुस्टा के शिक्षक हमेशा समाजिक दायित्व का निर्वहन किया है और पूर्व में आए प्रादेशिक स्तर, राष्ट्रीय स्तर एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न आपदाओं में बढ़-चढ़ कर मदद करने के लिए अग्रणी भूमिका निभाया है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर समाजिक दायित्व निभाने का मौका मिला है।
सोशल डिस्टेंसिंग के कारण बीएनमुस्टा के कार्यकारिणी के सदस्यों के द्वारा ऑनलाइन सहमति मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया कि उनलोगों का एक दिन का वेतन आपदा कोष में दिया जाए। जिससे ऐसी स्थिति में लोगों को सहायता मिल सकें।









