मुरलीगंज
पंचायत हरिपुर कला मुखिया डॉ लक्ष्मी कुमारी ने अपने हाथों से बनाए हुए मास्क डिटॉल साबुन, बिस्कुट, सैनिटाइजर लोगों को बचाव के लिए प्रत्येक घर गली मोहल्ले घूम घूम कर डॉ लक्ष्मी कुमारी ने लोगों को जागरूक करते हुए बचाव के लिए वितरण किया साथ ही मुरलीगंज थाना एस आई मृत्युंजय झा बीएमपी के जवान के साथ प्रखंड एवं पंचायत का भ्रमण किया.
मौके पर समाजसेवी पिंटू मुखिया ने लोड स्पीकर लेकर प्रचार- प्रसार करते हुए लोगों को कोरोना की महामारी से बचाव के लिए सतर्क किया. और कहा कि लक्ष्मण रेखा को पार ले अगर कोई इस बात को मजाक में लेते हैं या अनदेखी करते हैं तो समझिए कि अपने जीवन को खतरा में डाल रहे हैं. ऐसी बातों से लोगों को समझाया और बचने का तरीका बताया.
कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से बचाव को लेकर राष्ट्र व्यापी स्तर पर किए गए लॉकडाउन के आठवें दिन मंगलवार को जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड एवं पंचायत की सभी सड़कें लगभग सुनसान व वीरान रही. जिस कारण इक्के दुक्के हन जरूरतमंद लोग ही सड़कों पर दिखाई पड़े. आमजनों की आवाजाही ना के बराबर रही.
मुरलीगंज थाना अध्यक्ष किशोर कुमार ने खुद सड़कों पर गश्ती लगाते रहे।इस दौरान कुछ लोगों को रोककर समझा बुझा कर वापस घर भेजने का कार्य भी किया गया. मुरलीगंज मुख्यालय की दुर्गा चोक हरिद्वार चौक, गोलबाजार बाजार एवं सब्जी मंडी पूरी तरह सुनसान रहे. चौक पर लगे फल एवं किराना दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहे.
अन्य दिनों की अपेक्षा आठवें दिन सड़कों पर लोगों की काफी कम नजर आए. जबकि कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा दोपहर में गरीब, असहाय, मजदूर, रिक्शा चालकों को भोजन कराने का काम किया गया. सामाजिक संगठनों द्वारा पिछले दिनों से इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं. वहीं प्रखंड स्तर पर भी आपदा राहत के तहत मुरलीगंज में गरीब, निसहाय, भीक्षा मांगने वाले लोगों को निशुल्क भोजन कराया जा रहा है.
आठवें दिन लगभग एक सो लोगों को बना बनाया भोजन परोसा गया. जबकि जिला प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों को सड़कों से उठाकर इस वैकल्पिक आवासन में लाया जा रहा है. जिन्हें दोनों समय पका पकाया भोजन कराया जा रहा है. शिविर प्रभारी पदाधिकारी अंचलाधिकारी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से गरीब निसहाय लोगों को प्रशासन की ओर से आवासन एवं पका भोजन दिया जा रहा है.
साथ ही सड़कों पर भटकने वाले गरीब निसहायों को आवासन की भी सुविधा दी जा रही है. उन्होंने बताया कि कारोबार के लगभग 28 परिवार के लिए सुविधा मुहैया करा दी गई है एवं इनकी भोजन के लिए प्रतिदिन कच्चा राशन जिला प्रशासन की ओर से दिया जा रहा है. इन परिवारों में लगभग 180 लोग हैं,जिसमें महिला, बच्चे एवं बुजुर्ग शामिल है. उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को चिन्हित करते हुए बनाए गए आपदा राहत शेड में जगह देकर रहने की व्यवस्था की जा रही है.
पंचायत हरिपुर कला मुखिया डॉ लक्ष्मी कुमारी ने अपने हाथों से बनाए हुए मास्क डिटॉल साबुन, बिस्कुट, सैनिटाइजर लोगों को बचाव के लिए प्रत्येक घर गली मोहल्ले घूम घूम कर डॉ लक्ष्मी कुमारी ने लोगों को जागरूक करते हुए बचाव के लिए वितरण किया साथ ही मुरलीगंज थाना एस आई मृत्युंजय झा बीएमपी के जवान के साथ प्रखंड एवं पंचायत का भ्रमण किया.
मौके पर समाजसेवी पिंटू मुखिया ने लोड स्पीकर लेकर प्रचार- प्रसार करते हुए लोगों को कोरोना की महामारी से बचाव के लिए सतर्क किया. और कहा कि लक्ष्मण रेखा को पार ले अगर कोई इस बात को मजाक में लेते हैं या अनदेखी करते हैं तो समझिए कि अपने जीवन को खतरा में डाल रहे हैं. ऐसी बातों से लोगों को समझाया और बचने का तरीका बताया.
कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से बचाव को लेकर राष्ट्र व्यापी स्तर पर किए गए लॉकडाउन के आठवें दिन मंगलवार को जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड एवं पंचायत की सभी सड़कें लगभग सुनसान व वीरान रही. जिस कारण इक्के दुक्के हन जरूरतमंद लोग ही सड़कों पर दिखाई पड़े. आमजनों की आवाजाही ना के बराबर रही.
मुरलीगंज थाना अध्यक्ष किशोर कुमार ने खुद सड़कों पर गश्ती लगाते रहे।इस दौरान कुछ लोगों को रोककर समझा बुझा कर वापस घर भेजने का कार्य भी किया गया. मुरलीगंज मुख्यालय की दुर्गा चोक हरिद्वार चौक, गोलबाजार बाजार एवं सब्जी मंडी पूरी तरह सुनसान रहे. चौक पर लगे फल एवं किराना दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहे.
अन्य दिनों की अपेक्षा आठवें दिन सड़कों पर लोगों की काफी कम नजर आए. जबकि कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा दोपहर में गरीब, असहाय, मजदूर, रिक्शा चालकों को भोजन कराने का काम किया गया. सामाजिक संगठनों द्वारा पिछले दिनों से इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं. वहीं प्रखंड स्तर पर भी आपदा राहत के तहत मुरलीगंज में गरीब, निसहाय, भीक्षा मांगने वाले लोगों को निशुल्क भोजन कराया जा रहा है.
आठवें दिन लगभग एक सो लोगों को बना बनाया भोजन परोसा गया. जबकि जिला प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों को सड़कों से उठाकर इस वैकल्पिक आवासन में लाया जा रहा है. जिन्हें दोनों समय पका पकाया भोजन कराया जा रहा है. शिविर प्रभारी पदाधिकारी अंचलाधिकारी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से गरीब निसहाय लोगों को प्रशासन की ओर से आवासन एवं पका भोजन दिया जा रहा है.
साथ ही सड़कों पर भटकने वाले गरीब निसहायों को आवासन की भी सुविधा दी जा रही है. उन्होंने बताया कि कारोबार के लगभग 28 परिवार के लिए सुविधा मुहैया करा दी गई है एवं इनकी भोजन के लिए प्रतिदिन कच्चा राशन जिला प्रशासन की ओर से दिया जा रहा है. इन परिवारों में लगभग 180 लोग हैं,जिसमें महिला, बच्चे एवं बुजुर्ग शामिल है. उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को चिन्हित करते हुए बनाए गए आपदा राहत शेड में जगह देकर रहने की व्यवस्था की जा रही है.










