मधेपुरा
लाॅकडाउन में विद्यार्थियों के लिए बीएनएमयू में गूगल क्लासरूम की शुरुआत की गई है. इसी कड़ी में विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग द्वारा पी-एच. डी. कोर्स वर्क के विद्यार्थियों के लिए गूगल क्लासरूम के जरिए वर्ग संचालन किया जा रहा है. इसके जरिए सिलेबस आधारित वीडियो लेक्चर और रीडिंग मैटेरियल की आपूर्ति की जा रही है.
विश्वविद्यालय के अकादमिक निदेशक सह मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डाॅ. एम. आई. रहमान ने बताया कि इस एप के द्वारा मनोविज्ञान विभाग में नामांकित सभी शोधार्थियों को उनके ई. मेल. आईडी द्वारा गूगल क्लास रूम से जोड़ दिया गया है. साथ ही विभाग एवं अन्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी आमंत्रित किया गया है कि वह सिलेबस आधारित अपना अपना लेक्चर प्रतिदिन भेजते रहें, ताकि वह गूगल क्लासरूम के द्वारा शोधार्थियों को उपलब्ध कराया जा सके.
यह एक उत्साहवर्धक कदम है. इस माध्यम से शोधार्थियों को अपने प्रश्न पूछने और उसका उत्तर पाने का भरपूर मौका मिल रहा है. शोधार्थियों ने भी इसे सकारात्मक रूप से लिया हैै. शोधार्थी स्वास्तिका, रूपा चौहान, रुचि चौधरी सोनी कुमारी, प्रियंका रानी आदि ने इसे सही समय पर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है. इन लोगों का मानना है कि इस क्लास से उन्हें घर में बैठे-बैठे पढ़ाई का अवसर मिल गया.
साथ ही साथ उन्हें उनको अपने भविष्य को लेकर जो चिंताएं थीं, वह भी दूर हो गई है. मालूम हो कि यूजीसी ने भी लाॅकडाउन में ऑनलाइन टीचिंग की सलाह दी है. उसी आलोक में कुलपति प्रोफेसर डाॅ. अवध किशोर राय ने शिक्षकों और विद्यार्थियों से ऑनलाइन टीचिंग एवं रीडिंग का लाभ लेने की अपील की है. तदुपरांत विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग की ओर से गूगल क्लास का यह पहला प्रयास है.
कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय, प्रति कुलपति डाॅ. फारूक अली, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद, सीनेटर डाॅ. नरेश कुमार, डाॅ. प्रभुनाथ सिंह, डाॅ. शंकर कुमार मिश्र एवं जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर सहित कई अन्य ने इस प्रयास की सराहना की है. सबों ने इसे अन्य विभागों एवं शिक्षकों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण बताया है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
लाॅकडाउन में विद्यार्थियों के लिए बीएनएमयू में गूगल क्लासरूम की शुरुआत की गई है. इसी कड़ी में विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग द्वारा पी-एच. डी. कोर्स वर्क के विद्यार्थियों के लिए गूगल क्लासरूम के जरिए वर्ग संचालन किया जा रहा है. इसके जरिए सिलेबस आधारित वीडियो लेक्चर और रीडिंग मैटेरियल की आपूर्ति की जा रही है.
विश्वविद्यालय के अकादमिक निदेशक सह मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डाॅ. एम. आई. रहमान ने बताया कि इस एप के द्वारा मनोविज्ञान विभाग में नामांकित सभी शोधार्थियों को उनके ई. मेल. आईडी द्वारा गूगल क्लास रूम से जोड़ दिया गया है. साथ ही विभाग एवं अन्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी आमंत्रित किया गया है कि वह सिलेबस आधारित अपना अपना लेक्चर प्रतिदिन भेजते रहें, ताकि वह गूगल क्लासरूम के द्वारा शोधार्थियों को उपलब्ध कराया जा सके.
यह एक उत्साहवर्धक कदम है. इस माध्यम से शोधार्थियों को अपने प्रश्न पूछने और उसका उत्तर पाने का भरपूर मौका मिल रहा है. शोधार्थियों ने भी इसे सकारात्मक रूप से लिया हैै. शोधार्थी स्वास्तिका, रूपा चौहान, रुचि चौधरी सोनी कुमारी, प्रियंका रानी आदि ने इसे सही समय पर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है. इन लोगों का मानना है कि इस क्लास से उन्हें घर में बैठे-बैठे पढ़ाई का अवसर मिल गया.
साथ ही साथ उन्हें उनको अपने भविष्य को लेकर जो चिंताएं थीं, वह भी दूर हो गई है. मालूम हो कि यूजीसी ने भी लाॅकडाउन में ऑनलाइन टीचिंग की सलाह दी है. उसी आलोक में कुलपति प्रोफेसर डाॅ. अवध किशोर राय ने शिक्षकों और विद्यार्थियों से ऑनलाइन टीचिंग एवं रीडिंग का लाभ लेने की अपील की है. तदुपरांत विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग की ओर से गूगल क्लास का यह पहला प्रयास है.
कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय, प्रति कुलपति डाॅ. फारूक अली, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद, सीनेटर डाॅ. नरेश कुमार, डाॅ. प्रभुनाथ सिंह, डाॅ. शंकर कुमार मिश्र एवं जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर सहित कई अन्य ने इस प्रयास की सराहना की है. सबों ने इसे अन्य विभागों एवं शिक्षकों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण बताया है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)









