मुरलीगंज: देश में चल रहे लॉकडाउन को लेकर लंबे समय से फंसे जिले के मजदूरों को लाने का काम लगातार जारी हैं. इसी क्रम में शुक्रवार की अहले सुबह करीब छह बजे हरियाणा के हिसार से 74 प्रवासी मजदूरों का जत्था मुरलीगंज पहुंचा. जिसमें मुरलीगंज के गंगापुर, रमणी, कोल्हापट्टी, रजनी, भेलाही, बेलो चामगढ़, नाढ़ी, तमौट परसा पंचायत सहित अन्य पंचायत के लोग आये हैंं.
बताया गया कि बाहर से आये प्रवासी मजदूरों को शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे स्पेशल बस एवं विभिन्न साधन के माध्यम से मुरलीगंज लाया गया. इसके बाद स्थानीय प्रशासन की लापरवाही की वजह से बस चालक मजदूरों से भरा बस प्रखंड मुख्यालय लेकर पहुंचा.
उसके बाद प्रखंड के अधिकारियों द्वारा मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया. बस चालक पुनः गाड़ी वापस अस्पताल समीप लगाकर मजदूरों को उतार बिना किसी को सूचना दिये वाहन लेकर निकल गया. बताया गया कि करीब 6 बजे हम लोगों को मुरलीगंज स्वास्थ्य केंद्र में उतारा गया था. उसके बाद एक-दो घंटे तक हम लोगों की कोई सुध लेने वाला नहीं था तो हमलोग इधर-उधर भटकने लगे.
जिसकी सूचना किसी ने स्थानीय पुलिस को दी. पुलिस के द्वारा हमलोगों को पुनः वापस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. स्वास्थ्य केंद्र में हम लोगों के नाम की सूची बनाई गई. उसके बाद एंबुलेंस के द्वारा चंद्रमणि कन्या मध्य विद्यालय स्थित क्वॉरेंटाइन सेन्टर में शिफ्ट करवाया गया. अब सबसे बड़ा सवाल यहां यह है कि जब प्रशासन के द्वारा अन्य राज्य से आए हुए प्रवासी मजदूरो के लिए इतनी सारी पुख्ता व्यवस्था और दिशा निर्देश जारी किया गया हैं.
इसके बावजूद इन मजदूरों को देखने के लिए जमीनी स्तर पर कुछ खास नहीं दिख रहा. यहां उसका सुध लेने वाला कोई नहीं.
कुछ मजदूर के भागने की उड़ी अफवाह
शुक्रवार की हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आये प्रवासी मजदूरों में कुछ मजदूरों के भागने का अफवाह आग की तरह फैल गया. हलांकि स्थानिय प्रशासन सभी मजदूर के होने की पुष्टी किया हैं. लोगों का कहना था कि मुरलीगंज पहुंचे मजदूर को बिना किसी निगरानी के पीएचसी समीप छोड़ दिया गया था.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शुक्रवार की सुबह भारी संख्या में मजदूर मुरलीगंज पहुंचे. मजदूरों के पहुंचने के बावजूद बिना किसी निगरानी के आस पड़ोस स्थित दुकानो पर खुलेआम खरीदारी कर रहे थे. इस स्थिति को देख स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया हैं.
साथ ही कहा कि यहां की विधि व्यवस्था को लेकर विभागीय पदाधिकारी लापरवाह बने हुए हैं. भारी संख्या में बाहर से आये मजदूर बिना किसी जांच के रोड खुलेआम घूम रहे थे. इनलोगों को देखने वाला कोई नही था. वही प्रभारी थानाध्यक्ष धनेश्वर मंडल ने बताया कि सभी मजदूरों को पीएचसी में रखा गया. जहां से जांचकर सभी को क्वॉरेंटाइन सेंटर पहुंचाया गया.










