प्रवासी मजदूरों के लौटने के साथ ही जिले में हो रहा कोरोना से संक्रमितों की संख्या में इजाफा - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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23 मई 2020

प्रवासी मजदूरों के लौटने के साथ ही जिले में हो रहा कोरोना से संक्रमितों की संख्या में इजाफा

मधेपुरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को कोरोना से बचाने के लिए लॉकडाउन लागू किया था, शुरू के कुछ दिनों में तो लोगों ने इसका पालन किया मगर अप्रैल माह बीत जाने के बाद मजदूरों का धैर्य जवाब दे गया और फिर वो अपना इक्ट्ठा किया हुआ सारा सामान लेकर अपने गांव की ओर निकल पड़े.

3 मई के बाद से देश के तमाम राज्यों से मजदूर पैदल, साइकिल, रिक्शा, ट्रक, ट्रैक्टर और ट्राला तक में बैठकर अपने गांव पहुंच रहे हैं. जिनको ये सब नहीं मिला वो साइकिल और रिक्शे से ही अपने गांव के लिए निकल पड़े. सरकार ने जब ये देखा कि इन मजदूरों को रोक पाना मुश्किल हो रहा है उसके बाद ही श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की नीति बनाई गई और इन मजदूरों को उनके गांव छोड़ना तय किया गया.

अब आलम ये हो गया है कि जब से ये प्रवासी मजदूर अपने गांवों को पहुंच रहे हैं उसके बाद से कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में भी इजाफा होता जा रहा है. इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे राज्यों से आए अब तक 41 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. यह स्थिति तब है जबकि बड़ी संख्या में अभी लोग लौट रहे हैं और जो लौटे भी हैं उनमें से ज्यादातर अभी क्वारंटीन में हैं और कोविड टेस्ट बहुत कम संख्या में हुए हैं.

एक बात ये भी बताई जा रही है श्रमिक ट्रेनों, सरकारी बसों और अन्य वैध साधनों से आने वालों की संख्या से कहीं ज्यादा ऐसे लोग हैं जो विभिन्न तरीकों से अपने आप ही अन्य राज्यों से चले आए. इनमें से कुछ तो क्वारंटीन सेंटरों में गए लेकिन बहुत से लोग ऐसे हैं जो सीधे तौर पर अपने घरों और गांवों में पहुंच गए.


जाहिर है, इनका न तो कहीं परीक्षण हुआ और न ही कहीं इन्हें अलग रखा गया, यदि ऐसे लोगों में संक्रमण हुआ तो निश्चित तौर पर यह संक्रमण अन्य लोगों तक भी आसानी से पहुंच जाएगा. आने वाले ज्यादातर प्रवासी मुंबई, दिल्ली और गुजरात से हैं जहां संक्रमण की स्थिति देश में सबसे खराब है. बिहार से निकलकर लाखों की संख्या में मजदूर दूसरी जगहों पर काम करने के लिए जाते हैं, अभी इन मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है.

वहीं शनिवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में एक साथ 19 कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से अब तक कोरोना संक्रमित की संख्या 41 हो गई है. हालांकि इनमें से नौ ठीक होकर अब तक अपने घर जा चुके हैं. बताते चलें कि बिहारीगंज प्रखंड के 15 में से 7 लोग वैसे है जो महाराष्ट्र के मदरसा से आये छात्रों के परिजन हैं जिन्हें पहले होम कोरेन्टीन कर दिया गया था.


बिहारीगंज के बांकी आठ लोग वे हैं जो गाज़ियाबाद एवं अन्य शहरों से आये थे. इन्हें उत्तर प्रदेश सीमा पर से बस से 30 लोगों के साथ मधेपुरा भेजा गया था और ये कोरेन्टीन थे. इनमें से सात गमैल और एक राजगंज के हैं. उदाकिशुनगंज के जो तीन पीड़ित हैं वे छत्तीसगढ़ से आये श्रमिक हैं जो कोरेन्टीन थे. चौसा के एक पीड़ित भी अन्य राज्यों से आये श्रमिक हैं और ये भी पूर्व से कोरेन्टीन थे.


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