पटना: बिहार युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने कहा कि अगर केंद्र सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दे रही है तो कम से कम इन प्रवासी मजदूरों के रोजगार के साधन उपलब्ध कराने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करनी चाहिए.
कांग्रेस नेता का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान बंदी को लेकर अन्य राज्यों से मजदूर वापस लौट रहे हैं. आने वाले मजदूरों के पास ना रोजगार के साधन हैं और ना ही इनके लिए सरकार के पास कोई कार्ययोजना है. पार्टी ने केंद्र सरकार से बिहार के लिए विशेष पैकेज की मांग की है.
श्री ललन कुमार ने कहा कि बिहार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बहुत खराब स्थिति में है. ऐसे में बिहार सरकार के लिए रोजगार सृजन एक बड़ी समस्या है. कुमार ने कहा, एक अनुमान के मुताबिक इस कोरोना बंदी के दौरान करीब 20 लाख मजदूर बिहार वापस आने वाले हैं.
ऐसे में इनके सामने ना केवल रोजगार की समस्या है बल्कि वे अकुशल मजदूरों की श्रेणी में आते हैं. उन्होंने इन मजदूरों को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराने के लिए इच्छुक लोगों को प्रशिक्षण दिए जाने की भी मांग की है.
कांग्रेस नेता ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इन परिस्थितियों को जानती है, यही कारण है कि इन मजदूरों को वापस लाने के लिए शुरू से ही आनाकानी कर रही है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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