मधेपुरा: 9 मई 1981 को जिला बना मधेपुरा ने जिला बनने के बाद उंचालिस साल के सफर में कई उतार चढ़ाव के बावजूद अपनी छवि राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित की है. अलग अलग क्षेत्रों में यह निरंतर नया अध्याय लिखता जा रहा कुछ क्षेत्रों में इसे और आगे ले जाने की जवाबदेही वर्तमान पीढ़ी के रूप में हम सब की है.
उक्त बातें वाम छात्र संगठन एआईएस एफ के राष्ट्रीय परिषद सदस्य सह राज्य उपाध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने जिले के चालीसवे स्थापना दिवस पर कही. उन्होंने कहा कि आज जिले की पहचान उद्योग व रोजगार के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय फलक के विद्युत रेलवे इंजन कारखाना, स्वास्थ्य के क्षेत्र में हाल में जनता को समर्पित मेडिकल कॉलेज, कृषि के क्षेत्र में नारियल विकास बोर्ड की छवि, शिक्षा के क्षेत्र में बी एन मण्डल विश्वविद्यालय और राजनीति में समाजवाद की धरती के रूप में धार्मिक अनुष्ठान की कड़ी में सिंघेश्वर मन्दिर राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले की पहचान को ऊंचाई देते हैं.
यहां की प्रतिभाएं कला संस्कृति, खेल, साहित्य, राजनीति, व्यापार, शिक्षा के क्षेत्र में लगातार जिले की पहचान को उड़ान दे रहे हैंं. रामायण, महाभारत सहित अन्य कालों में मधेपुरा की अलग अलग नामों से भूमिका के प्रमाण मिलते हैं. निकट भविष्य में मधेपुरा में और अनेकानेक संभावनाएं हैं जिसको लेकर वर्तमान पीढ़ी को अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहना होगा. जल्द ही हवाई अड्डा के रास्ते भी साफ होने की संभावना है.
जिले में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अन्य कई विकल्पों के भी खुलने के साथ साथ राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर और कई अन्य मार्ग खुलेंगे जिसका फायदा स्थानीय स्तर के लोगों को प्राप्त होगा. छात्र नेता सह युवा साहित्यकार हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि जिला वासी को गर्व करना चाहिए कि हमारा गौरवशाली इतिहास अतीत से रहा है, जो सबको नसीब नहीं होता.
साथ ही कुछ समस्याएं भी हैं जिसके त्वरित निष्पादन की जरूरत है जैसे जिले में खुल रहे रोजगार के विकल्प में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिले. जिले में लगातार घट रही आपराधिक घटनाओं पर विराम लगाने ,जिला मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों में सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत है.
एआईएसएफ नेता राठौर ने जारी बयान में उम्मीद किया है कि आने वाले समय में स्थापना के 50 वर्ष पूरा करते करते मधेपुरा की पहचान और छवि और मजबूत होगी. जिले के चालीसवे स्थापना दिवस पर राठौर ने संगठन की ओर से जिले को यहां तक लाने वाले सभी महापुरुषों को और उनकी भूमिका को याद करते हुए सलाम किया है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)











