सिंघेश्वर: मंगलवार की अहले सुबह हुई चक्रवाती बारिश के चलते फसलों की बर्बादी देख किसानों के चेहरे बुझ गए हैं. वहीं इस तूफानी बारिश के कारण कई लोगों के आशियाने भी उजड़ गए.
आंधी-तूफान व ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश के चलते फसलों की जमकर बर्बादी हुई है. ओलावृष्टि के चलते किसानों की लगभग 90 प्रतिशत फसलें नष्ट हो गईंं. खाद व बीज उधार लेकर फसल उगाने वाले तमाम किसानों के चेहरे की खुशियां छिन गई.
इस आंधी बारिश से किसानों की बची उम्मीदें भी अब पूरी तरह से खत्म हो गई हैं क्योंकि खेतों में लगी उनकी फसल अब पूरी तरह से नष्ट हो गई है. मौसम की बेरूखी एवं लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र में फसलों की बड़े पैमाने पर क्षति हुई है.
ऐसा लग रहा है किसी ने मक्का और केले को धर से काट नीचे खेत मे ही फेक दिया हो. सिंहेश्वर प्रखंडों में हुई भारी वर्षा से किसानों के केला और मकई के फसल को काफी नुकसान हुआ है.
दैवीय आपदा के चलते किसानों पर बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है. कई जगहों पर आंधी इतनी तेज थी कि बड़े पेड़ सड़कों पर गिर पड़े हैं. कई झोपड़ियों के छत हवा में उड़ गए, तो वहीं बारिश से किसानों के चेहरे पर मायूसी छायी हुई है.
खासकर मकई की फसल पर इसका व्यापक असर पड़ा है. बहुत अधिक मात्रा में मक्का और केले की फसल खेतों में हैं और जो तेज आंधी से मक्का और केले की फसल गिर गया है.
(रिपोर्ट:- गणेश कुमार गुप्ता)
आंधी-तूफान व ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश के चलते फसलों की जमकर बर्बादी हुई है. ओलावृष्टि के चलते किसानों की लगभग 90 प्रतिशत फसलें नष्ट हो गईंं. खाद व बीज उधार लेकर फसल उगाने वाले तमाम किसानों के चेहरे की खुशियां छिन गई.
इस आंधी बारिश से किसानों की बची उम्मीदें भी अब पूरी तरह से खत्म हो गई हैं क्योंकि खेतों में लगी उनकी फसल अब पूरी तरह से नष्ट हो गई है. मौसम की बेरूखी एवं लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र में फसलों की बड़े पैमाने पर क्षति हुई है.
ऐसा लग रहा है किसी ने मक्का और केले को धर से काट नीचे खेत मे ही फेक दिया हो. सिंहेश्वर प्रखंडों में हुई भारी वर्षा से किसानों के केला और मकई के फसल को काफी नुकसान हुआ है.
दैवीय आपदा के चलते किसानों पर बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है. कई जगहों पर आंधी इतनी तेज थी कि बड़े पेड़ सड़कों पर गिर पड़े हैं. कई झोपड़ियों के छत हवा में उड़ गए, तो वहीं बारिश से किसानों के चेहरे पर मायूसी छायी हुई है.
खासकर मकई की फसल पर इसका व्यापक असर पड़ा है. बहुत अधिक मात्रा में मक्का और केले की फसल खेतों में हैं और जो तेज आंधी से मक्का और केले की फसल गिर गया है.
(रिपोर्ट:- गणेश कुमार गुप्ता)











