डेस्क: विश्वस्तरीय मधेपुरा विद्युत रेल इंजन कारखाना में अब रेल इंजन निर्माण की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ ली है। यहां 12 हजार हॉर्स पावर क्षमता वाली शक्तिशाली रेल इंजन का निर्माण किया जाता है। पिछले दो महीने के दौरान 19 इंजन कारखाना से निकली है।
ये सभी इंजन भारतीय रेल की पटरी पर दौड़ रही है। इधर, मंगलवार को भी तीन और एसी विद्युत रेल इंजन कारखाना से निकाली गई। ये इंजन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलकर यूपी के सहारनपुर गई। हिंदुस्तान में छपी खबर के मुताबिक, सहारनपुर से इंजनों को भारतीय रेल की पटरी पर मालगाड़ियों में लगाकर चलाया जाएगा।
कारखाना से बीते 13 मई से निकली इंजन माल गाड़ियों में लगकर मुगलसराय, सहारनपुर, झारखंड, पानीपत सहित नॉदर्न रेलवे की विभिन्न रेल खंडों में चलाई जा रही है। बीते 18 मई को मधेपुरा विद्युत रेल इंजन कारखाना में निर्मित पहले शक्तिशाली विद्युत इंजन से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से धनबाद मंडल के बरवाडीह तक 118 डिब्बों वाली मालगाड़ी का सफलतापूर्वक परिचालन किया गया था।
आने वाले समय में इंजन निर्माण की रफ्तार और तेज होगी। हर माह 8 से 10 इंजन तैयार होने की संभावना है। मधेपुरा रेल इंजन कारखाना में निर्मित 12 हजार हॉर्स पावर क्षमता वाले इंजन के सहारे मालगाड़ी की रफ्तार बढ़ी है।
बता दें कि मधेपुरा में तैयार विद्युत इंजन से माल गाड़ियों का परिचालन मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की तरह 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक की गति से किया जा सकेगा। जो दूसरे इंजनों की तुलना में लगभग दुगुनी है। वर्ष 2029 तक 12 हजार हॉर्स क्षमता की 800 इंजन को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इंजन निर्माण की लागत राशि 24 करोड़ है।











