उन्होंने कहा कि शिकागो में उनका दिया गया ऐतिहासिक भाषण आज भी विश्व के सर्वकालिक भाषणों में एक माना जाता है. उनके संबोधन के प्रारम्भिक अंश "मेरे अमेरिकी बहनों एवम् भाइयों "ने उन्हें विश्व ख्याति प्रदान की।अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के नाम पर स्थापित रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर उन्होंने समाजसेवा को एक वो धुरी तैयार की जो आज भी गतिमान हैै. वेदांत के प्रभावशाली व विद्वान ज्ञाता विवेकानंद मानव जीवन में समाज व राष्ट्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे.
इस अवसर पर संगठन द्वारा जरूरतमंद बच्चों के बीच पठन पाठन की सामग्री का वितरण करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षित होकर ही सुंदर समाज व राष्ट्र का निर्माण संभव है यही विवेकानंद का सपना था. संगठन के राज्य परिषद सदस्य सह संयुक्त जिला सचिव सौरभ कुमार ने इस अवसर पर अपनी बात रखते हुए कहा कि महापुरुषों को याद करना व उनके जीवन पथ का अनुसरण ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है. वर्तमान पीढ़ी को अपने गौरशाली अतीत से अवगत कराना संगठन का महत्वपूर्ण कार्यों में से एक हैै.स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर पठन पाठन की सामग्री वितरण के साथ साथ उपस्थित बच्चों द्वारा वृक्षारोपण कर राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद को नमन किया गया. मौके पर रमेश, विकाश, आशा, मुस्कान, लक्ष्मी, संजय, मुकेश, प्रभात, अजय, मौषम, विपुल, शंकर सहित दर्जनों बच्चे मौजूद रहे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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