मधेपुरा: बीएन मंडल विवि परिसर स्थित प्रेक्षागृह में मंगलवार को सीनेट का 21वां अधिवेशन भारी गहमा-गहमी के बीच संपन्न हो गया. कुलपति डॉ. आरकेपी रमण की अध्यक्षता में आयोजित सीनेट की बैठक में 660 करोड़ 84 लाख 30 हजार 365 रुपये का बजट मात्र तीन मिनट में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. सीनेट ने गत बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि सर्वसम्मति से की गई.
इसके अलावा गत बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन प्रतिवेदन पर विचार, वार्षिक प्रतिवेदन का अनुमोदन, वित्तीय वर्ष 2020-21 के वास्तविक आय व्यय के लेखा प्रतिवेदन का अनुमोदन, वार्षिक बजट का अनुमोदन, विभिन्न समितियों के कार्यवृत्त का अनुमोदन, महाविद्यालयों के संबंधन व नव संबंधन व पद सृजन के प्रस्ताव का अनुमोदन सदन से कराया गया. अध्यक्षीय अभिभाषण पर विभिन्न सदस्यों ने अपनी बात रखी. साथ ही सदस्यों ने अपने-अपने प्रश्न भी सदन में रखा. प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉ. आभा सिंह ने बजट भाषण प्रस्तुत किया. हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ. उषा सिन्हा द्वारा गत अधिषद् की बैठक (22. 02. 2020) की कार्रवाई की सम्पुष्टि प्रस्ताव रखा. डीएसडब्लू डाॅ. अशोक कुमार यादव गत अधिषद् की बैठक में लिए गए निर्णय का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. बीएनएमभी काॅलेज, मधेपुरा के प्रधानाचार्य डाॅ. के. एस. ओझा वार्षिक प्रतिवेदन (2019-2020) के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा. भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-2020 के वास्तविक आय-व्यय का लेखा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया. एमएलटी काॅलेज, सहरसा के प्रधानाचार्य डाॅ. डी. एन. साह द्वारा विभिन्न प्राधिकारों/निकायों/ समितियों के कार्यवृत का अनुमोदन प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया.
मैथिली विभाग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. रामनरेश सिंह विभिन्न महाविद्यालयों के संबंधन, नवसंबंधन, संबंधन दीर्घीकरण एवं पदसृजन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया. डाॅ. जवाहर पासवान द्वारा अधिषद् सदस्यों से प्राप्त प्रश्नों के उत्तर की प्रस्तुति की. लेफ्टिनेंट गौतम कुमार द्वारा शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया. जबकि सीनेट सदस्य रंजन कुमार ने वर्षों से रंगकर्मियों के द्वारा बीएनएमयू में नाट्यशास्त्र की पढ़ाई को लेकर किए जा रहे मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि जब भी किसी जायदाद का बंटवारा होता है तो बराबर-बराबर बांटा जाता है. इसी तरीके से एलएनएमयू से जब बीएनएमयू अलग हुआ था तो एलएनएमयू में पढ़ाई जाने वाली सभी विषयों की पढ़ाई बीएनएमयू में होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है. जिसके कारण बीएनएमयू के छात्रों को नाट्यशास्त्र की पढ़ाई करने के लिए अन्य विश्वविद्यालय समेत अन्य राज्यों की ओर रुख करना पड़ रहा है. एमएलसी प्रमोद कुमार ने कर्मियों को एलपीसी और एनएसपी का लाभ मिलने में परेशानी की ओर कुलपति का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के दागी पदाधिकारी हरे-हरे गांधी जी के चढ़ावा बिना कार्य नहीं करते हैं. इसके पूर्व कुलपति के अभिभाषण पर विभिन्न सदस्यों ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा.
बैठक में गत बैठक की सम्पुष्टि, गत बैठक में लिए गए निर्णय का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया. इस पर विभिन्न सदस्यों ने गहन विचार-विमर्श किया. अंत में राष्ट्रीय गान जन-गण-मन के सामूहिक गायन के साथ बैठक संपन्न हुई. संचालन कुलसचिव डाॅ. कपिलदेव प्रसाद ने किया.
बैठक में विधायक द्वय गुंजेश्वर साह व नीरज कुमार सिंह बबलू, डॉ. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी, डॉ. नरेश कुमार, मनीषा रंजन, जवाहर झा, रामनरेश सिंह, डॉ जवाहर पासवान, गौतम कुमार, प्रमोद कुमार, प्रधनाचार्य डॉ. केएस ओझा, डॉ. राजीव सिन्हा, डॉ. रीता सिंह, डॉ. केपी यादव, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. रेणु सिंह, डॉ. अरबिद कुमार, डॉ. लंबोदर झा, डॉ. उषा सिंह, डॉ. अभिनंदन यादव, डॉ. सुभाष झा, शोभाकांत कुमार, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. अरुण खां, दिनेश यादव, संजीव कुमार सिंह, नूतन सिंह, नरेश कुमार, शैलेश्वर प्रसाद, विपिन कुमार सिंह, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, रियासी गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे.
कार्यक्रम के आयोजन में अकादमिक निदेशक प्रोफेसर डॉ. एम. आई. रहमान, उपकुलसचिव अकादमिक डॉ. सुधांशु शेखर, कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव, पृथ्वीराज यदुवंशी, बिमल कुमार आदि ने सहयोग किया.












