अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं कलाकार - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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12 जनवरी 2021

अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं कलाकार

मधेपुरा: मंगलवार को भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो डा आर के पी रमण की अध्यक्षता में सीनेट की बैठक बुलाई गई. जहां बैठक शुरू होने से पहले कुलपति, प्रति कुलपति, कुलसचिव सहित दर्जनों सीनेट सदस्यों को महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर पर संगीत एवं नाट्यशास्त्र की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर स्थानीय रंगकर्मियों ने ज्ञापन सौंपा. 

कुलपति, प्रति कुलपति, कुलसचिव सहित सीनेट सदस्यों को दिये गये ज्ञापन में रंगकर्मियों ने बड़े दुख के साथ कहा की स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर लंबे समय से हम कलाकार संघर्षरत हैं, लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय स्तर से कारगर पहल नहीं हो सकी. कला संस्कृति साहित्य के क्षेत्र में अग्रणी इस मधेपुरा क्षेत्र में संगीत व नाट्यशास्त्र की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाना दुखद है. 
जबकि बीएनएमयू के मातृ विश्वविद्यालय एलएनएमयू दरभंगा में इसकी पढ़ाई स्थापना काल से ही की जा रही है. पूर्व के कुलपति प्रो डा एके राय के कार्यकाल में वर्ष 2017 में अगले सत्र से संगीत व नाट्यशास्त्र की पढ़ाई शुरू कराने की बात कही गई थी. जिसके बाद यह मामला एकेडमिक सीनेट एवं सिंडिकेट में भी उठाया गया था, लेकिन आज तक इसे शुरू नहीं किया गया. 

फलत: कला संस्कृति से जुड़ी प्रतिभाओं को उचित सम्मान नहीं मि पा रहा है. साथ ही रोजगार के विकल्प भी नदारत हैं. रंगकर्मियों ने कहा कि एलएनएमयू से जब बीएनएमयू विभाजित हुआ था तो उस समय बीएनएमयू अंतर्गत टीपी कॉलेज में कई सत्रों तक नाट्यशास्त्र की पढ़ाई हुई थी. जिसके बाद कुछ कारणवश नाट्यशास्त्र की पढ़ाई होना बंद हो गया.  
जिसका जिक्र राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर मध्य प्रदेश में नाटक एवं रंगमंच संकाय के विभागाध्यक्ष डा हिमांशु द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक रंगदृष्टि के पेज नंबर 112 के क्रमांक संख्या 22 में किया गया है. उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि इस पुस्तक में देश के प्रमुख 54 नाट्य संस्थानों, जिसमें राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली समेत अन्य राज्यों के नामचीन नाट्य विद्यालयों का नाम है, उसमें बीएनएमयू अंतर्गत टीपी कॉलेज का भी नाम है. 

साथ ही टीपी कॉलेज में जब नाट्यशास्त्र की पढ़ाई होती थी, तब इस महाविद्यालय से मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल समेत बिहार को गौरवान्वित करने वाले एवं देश के कई पदों को सुशोभित करने वाले तथा वर्तमान में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र में प्राध्यापक के पद पर कार्यरत डॉ. ओम प्रकाश भारती एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली से उत्तीर्ण तथा वर्तमान में मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता राम बहादुर रेनू ने भी यहां से पढ़ाई की थी.  
मौके पर उपस्थित मोहम्मद शहंशाह, अमित आनंद, सुनीत साना, अमित कुमार अंशु, दिलखुश कुमार, शालू शुभम, शिवानी अग्रवाल, शिवांगी गुप्ता, मिथुन कुमार गुप्ता, निशु सिंह, बमबम कुमार, सुमन कुमार, कार्तिक कुमार, आतिफ, विजय कुमार आदि ने आग्रह किया कि नाट्यशास्त्र की पढ़ाई पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए, इसे स्थानीय स्तर पर संगीत व नाट्यशास्त्र की पढ़ाई शुरू करवाने को लेकर कारगर पहल की जाए. जिससे कोसी की लोक सांस्कृतिक जीवित रह पाये.


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