मधेपुरा: मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी का विशेष महत्व है. इसके बिना मकर संक्रांति का पर्व होना संभव ही नहीं. इस दिन हर घरों में खिचड़ी बनाई जाती है. श्रद्धालु राहगीरों को भी खिचड़ी एक प्रसाद के रूप में बांटते हैं. जिला मुख्यालय स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर के समीप लखनऊ स्वीट्स के द्वारा शिविर लगाकर खिचड़ी का वितरण किया गया.
मकर संक्राति का पर्व प्रतिवर्ष सर्द ऋतु में जनवरी माह के मध्य लोहड़ी से ठीक अगले दिन पड़ता है. इस पर्व पर खिचड़ी का विशेष महत्व होता है. मान्यता के अनुसार, चावल को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है. वहीं, शनि का प्रतीक उड़द की दाल और बुध का प्रतीक हरी सब्जियां होती हैं.
ऐसे में यह कहा जाता है कि अगर कुंडली में ग्रहों की स्थिति मजबूत करनी है तो मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खानी चाहिए. इस दिन कई जगहों पर लोग खिचड़ बनाते और खाते हैं. खिचड़ी में चावल, काली दाल, नमक, हल्दी, मटर और सब्जियां डाली जाती हैं. इस दिन कई जगहों पर सूर्य की पूजा की जाती है. मौके पर रामानंद साह, अनिल साह, राजेश साह, विक्की विनायक, सुमित कुमार डब्लू, मनोज कुमार, अरुण पेंटर आदि मौजूद थे.
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