डेस्क: भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री और आज़ादी के बाद के दौर में भारतीय राजनीति के धुरंधर योद्धा स्वर्गीय ललित नारायण मिश्र जी के लिए पेंगुइन पब्लिशिंग हाउस और कॉमी कपूर के द्वारा किताब में अनावश्यक और अनुचित शब्दों का प्रयोग किया गया है. इसी पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता वैभव मिश्रा ने पेंगुइन पब्लिशिंग हाउस और कॉमी कपूर को कानूनी नोटिस भेजा है.
वैभव ने यह कानूनी नोटिस अपने अधिवक्ता भानू सनोरिया के माध्यम से भेजा है. वैभव ने बताया कि कॉमी कपूर के द्वारा लिखी हुई किताब "The Emergency: A Personal History" में स्वर्गीय ललित नारायण मिश्र ख़िलाफ़ गैर मर्यादित भाषाओं का प्रयोग किया गया है और उनकी भावना को ठेस पहुंचाया गया है. वैभव ने लेखक के साथ साथ पब्लिशिंग हाउस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पब्लिश करने पहले इन सारी चीजों को नजरंदाज किया.
![]() |
| वैभव मिश्रा |
दोनों को संयुक्त रूप से कानूनी नोटिस भेजी गई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे शब्दों को जल्द से जल्द वापस लिया जाना चाहिए. आपको बता दे कि ललित नारायण मिश्र पहले, दूसरे और पांचवें लोकसभा के सदस्य भी रह चुके है. इसके साथ ही वह साल 1964-66 और साल 1966-72 के बीच राज्य सभा के भी सदस्य रह चुके है. साल 1973 में उन्हें देश के तत्कालीन रेलवे मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....










