मधेपुरा: हर भारतीय के रग रग में बसने वाले भगत सिंह और उनके विचार हर दौर में युवाओं के आदर्श के रूप में स्थापित रहेंगे. उनका संघर्ष और त्याग सदैव युवाओं को राष्ट्रहित में प्रेरित करने का काम करेगा. ये बाते वाम छात्र संगठन एआईएसएफ के बीएनएमयू प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने संगठन द्वारा आयोजित शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती पर कही. उन्होंने कहा जिंदगी के मात्र 23 वसंत देखने वाले भगत सिंह ने अपने जीवन काल में उतनी प्रसिद्धि प्राप्त कर ली जिसके पास लोग सौ साल में भटक भी नहीं पाते हैं. हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, पंजाबी, बांग्ला में समान पकड़ रखने वाले भगत ने अनेकानेक आग्रह के बाद भी माफीनामा नहीं लिखा और फांसी के फंदे पर झूल स्वतंत्रता आंदोलन में कुर्बानी की नई गाथा लिखी. गरम दल के अग्रिम पंक्ति में उनका नाम था और आजाद के साथ इनकी मित्रता की आज भी मिशाल दी जाती हैै. लाला लाजपत राय पर लाठी चार्ज और उनकी मौत ने भगत को अंदर से आंदोलित कर दिया वहीं आजादी के आंदोलन में आने का मुख्य कारण जलिया वाला बाग कांड भी था. इस अवसर पर संजय कुमार ने कहा कि भारत को हमेशा इस बात पर गर्व रहेगा कि उसकी गोद में कभी भगत जैसा वीर पला था. आशा और काजल ने कहा कि जब जब भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा होगी तब भगत का नाम बड़े सम्मान से अग्रिम पंक्ति में लिया जाएगा. भगत सिंह की जयंती पर उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ साथ साथ 115 वीं जयंती के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसके अन्तर्गत औषधीय, फलदार, छायादार आदि पौधे भी लगाए गए. संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा वर्तमान दौर में जरूरी है कि महापुरुषों की जयंती, पुण्यतिथि के अवसर पर वृक्षारोपण पर जोड़ दिया जाए संगठन की बीएनएमयू इकाई लंबे समय से इसको अंजाम दे रही है. ग्रामीण छात्र छात्राओं के बीच कई प्रकार के खेलों का भी आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने बढ़ चढ़ कर भागीदारी दी. 
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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